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खुलासा: शिमला में पानी में जानबूझ कर मिलाया जा रहा था सीवरेज

Sat, 23 Jan 2016 09:49 AM IST
Updated Sat, 23 Jan 2016 09:49 AM IST
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jaundice in shimla city, SIT reveals big facts.

पीलिया पर पोल खुल गई है। पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुरुआती जांच रिपोर्ट में ही सनसनीखेज खुलासे किए हैं। इससे तय है कि शहर में पीलिया तो फैसला ही था। जांच रिपोर्ट में शिमला के मल्याणा और ढली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं।

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एसआईटी ने फोरेंसिक लैब जुन्गा के विशेषज्ञों की मदद से दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करवाया और पाया कि पानी को चेक करने के लिए जो लैब स्थापित की गई है उसमें ठेकेदार अक्षय डोगर और और सुपरवाइजर मनोज वर्मा ने सही केमिकल ही उपलब्ध नहीं करवाए।
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न ही कभी सही तरीके से चेक किया गया। लैब में लगे उपकरण कई सालों से खराब पड़े हैं। प्लांट से कुछ पानी बिना ट्रीटमेंट हुए आउटलेट में जा रहा है। पानी को साफ करने के लिए जो ब्लीचिंग पाउडर मौके पर मिला वह भी एक साल पुराना था।
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एसआईटी की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

jaundice in shimla city, SIT reveals big facts.

एसआईटी ने जांच में जिक्र किया है कि सीवरेज के पानी को पीने के पानी में जानबूझ कर मिलाया जाता था। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि आईपीएच विभाग में तैनात जेई प्रणीत कुमार जिन्हें इन प्लांटों को चेक करने का जिम्मा सौंपा है, सरकारी मुलाजिम होते हुए भी अपनी ड्यूटी को सही तरीके से नहीं निभाया है।

उन्होंने चेकिंग टेस्टिंग लैब, लीकेज और ब्लीचिंग पाउडर के बारे में भी कोई कार्रवाई नहीं की। आईपीएच विभाग और जेई ने ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की।

इतनी घोर लापरवाही
जांच में पता चला है कि ट्रीटमेंट मशीनों को 24 घंटे न चलाकर बीच में बंद कर दिया जाता था। बिजली ठप होने पर सीवेरज के पानी को सीधे नाले में छोड़ दिया जाता था। एसआईटी ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।

झूठी रिपोर्ट करते हैं रजिस्ट्रर में दर्ज

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जांच के दौरान एसआईटी ने ढली सीवरेज प्लांट के पंप ऑपरेटर जगदीश वर्मा और केमिस्ट राजेश के बयान लिए। इसमें यह बात सामने आई कि इन प्लांटों का ठेकेदार, सुपरवाइजर, जेई व अन्य अधिकारी जो चेकिंग पर आते हैं एसटीपी में पाई जाने वाली खामियों की तरफ ध्यान नहीं देते हैं और झूठी रिपोर्ट रजिस्टर में दर्ज करते थे।

एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी नेगी का कहना है कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें अदालत में पेश किया गया जहां से एक दिन का पुलिस रिमांड मिला है। आगामी पुलिस रिमांड के लिए आरोपी शनिवार को अदालत में फिर पेश किए जाएंगे। आरोपी ठेकेदार की तलाश जारी है।

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