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हिमाचल में यहां होगी जापानी बुखार की जांच, तैयार हो रही लैब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:45 PM IST
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हिमाचल में भी अब जापानी बुखार की जांच हो सकेगी। प्रदेश में पांव पसार रहे जापानी बुखार (जापानी इंसेफलाइटिस) की जांच अब आईजीएमसी में भी हो सकेगी। सरकार के निर्देश पर आईजीएमसी प्रशासन इस बीमारी की जांच को लैब तैयार कर रहा है।
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लैब के तैयार होने तक संभावित मामला आने पर सैंपल की जांच स्थानीय लाल पैथ लैब में कराने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने समन्वय किया है। स्वास्थ्य विभाग ने यह कवायद अमर उजाला में सोमवार के अंक में आईजीएमसी में दिमागी बुखार पर लगने वाला इंजेक्शन नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद की है।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य बीके अग्रवाल ने बताया कि जापानी बुखार में कोई खास इंजेक्शन नहीं लगाया जाता, बल्कि महामारी या केंद्रीय टीम की ओर से निर्देश मिलने पर संबंधित क्षेत्र में वैक्सीनेशन किया जाता है।
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चूंकि, प्रदेश में अभी तक सिर्फ सात मामले सामने आए हैं। इनमें एक गंभीर था, जो अब ठीक हो गया है। ऐसे में वैक्सीनेशन की जरूरत नहीं है। अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संपर्क में है।
साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी मच्छरों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार जापानी बुखार के मामले चिह्नित किए गए हैं, इसीलिए अब आईजीएमसी में लैब तैयार की जा रही है। लैब को तैयार होने में महीने भर का समय लग सकता है, तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी मच्छरों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार जापानी बुखार के मामले चिह्नित किए गए हैं, इसीलिए अब आईजीएमसी में लैब तैयार की जा रही है। लैब को तैयार होने में महीने भर का समय लग सकता है, तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।