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जापानी ब्लैक प्लम की बाजार में दस्तक, 220 रुपये तक पहुंचे दाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:32 PM IST
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जापानी ब्लैक एंबर प्लम की मार्केट में एंट्री हो गई है। जिला शिमला के कोटखाई में तैयार किए गये विदेशी किस्म के इस प्लम का 1.80 किलो का बक्सा ढली मंडी में 220 रुपये में बिका है। ढली मंडी से प्लम की खेप मुंबई भेजी गई है।
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महानगरों में इसकी खासी डिमांड है। ब्लैक एंबर प्लम की खासियत इसकी शेल लाइफ है। सामान्य प्लम जहां महज 5 दिन में ही खराब हो जाता है वहीं यह 15 से 20 दिन तक ताजा बना रहता है।
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पेड़ से तोड़ने के बाद (सीए स्टोर) नियंत्रित तापमान में रखा जाए तो यह तीन से चार महीने तक खराब नहीं होता। सामान्य प्लम के मुकाबले इसका आकार बड़ा होता है।
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ऐक्स्ट्रा स्माल सेब के आकार का यह प्लम न सिर्फ दिखने में अच्छा लगता है बल्कि रसीला भी अधिक होता है। यह पूरी तरह आर्गेनिक फल है क्योंकि इसमें न तो कीटनाशकों की स्प्रे होती है न ही खाद डाली जाती है। सिर्फ गोबर के प्रयोग से यह फल तैयार होता है।
1500 फीट से 6500 फीट ऊंचाई वाले स्थानों पर सबसे अधिक उत्पादन देने वाला यह फल पेड़ लगाने के तीन साल बाद फल देना शुरू कर देता है। अब तक विदेशों से इसे आयात किया जाता था लेकिन अब इसका उत्पादन शुरू शिमला जिला में ही शुरू हो गया है। कोटखाई के बखोल गांव में स्थित आरएमएस आर्चर्ड से ढली मंडी में विदेशी प्लम की खेप पहुंची है।
कोटखाई से ब्लैक एंबर प्लम की खेप मंडी पहुंची थी। दो किलो की डिब्बा करीब 220 रुपये में बिका है। जापानी किस्म का यह प्लम मुंबई भेजा गया है। महानगरों में इसकी काफी डिमांड है। - सुशील ठाकुर, फल कारोबारी, ढली मंडी
प्लम की पुरानी वैरायटी 5 दिन में खराब हो जाती थी, ब्लैक एंबर 15 से 20 दिन तक खराब नहीं होता। जहां सेब की पैदावार नहीं होती उन इलाकों में भी इसका उत्पादन किया जा सकता है। - आत्माराम चौहान, बागवान