वीरभद्र सिंह को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिया ये बड़ा बयान
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ नेता होने के नाते वे वीरभद्र सिंह की इज्जत करते हैं, मगर जिस तरह वे बहुत अनुभवी होने की बात करते हैं, उस हिसाब से हिमाचल में उनके अनुभव का असर कहीं नजर नहीं आता है।
उनके इतने अनुभवी होने के बावजूद प्रदेश की स्थिति क्या है? इसकी सच्चाई सबके सामने हैं। उनके अनुभव से राज्य को कोई लाभ नहीं हुआ। वीरभद्र फिलहाल सुक्खू को हटाने की मुहिम में जुटे हैं।
आपस में उलझी पड़ी कांग्रेस भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव में कोई चुनौती नहीं है। जयराम सोमवार को सचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान बोल रहे थे। नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक से लौटते ही दूसरे दिन सीएम ने कांग्रेस नेताओं पर जमकर हमला बोला।
खुद को विपक्ष का नेता बताने वाले ला रहे पंजाब का कल्चर
वीरभद्र सिंह की ओर से किए जुबानी हमलों पर पत्रकारों ने उनकी राय जाननी चाही तो सीएम बोले - वीरभद्र सिंह के पास जब कुछ कहने को नहीं होता तो वे बहुत अनुभवी होने की बात करते हैं।
पिछली सरकार ने जिस तरह अंधाधुंध शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोले और उनमें जरूरी स्टाफ की तैनाती न कर समस्या खड़ी की, उससे पिछली सरकार की कार्यशैली स्पष्ट है।
सीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा -विपक्ष के मित्र हमारे दिल्ली जाने पर कई तरह की हल्की बातें करते हैं। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हों या छुटभैये नेता।
जयराम ठाकुर से सवाल किया गया कि वे किस वरिष्ठ नेता और छुटभैये नेता की बात कर रहे हैं तो वरिष्ठ नेता के तौर पर वीरभद्र सिंह का नाम लिया। कहा कि वरिष्ठ नेता होने के नाते वे उनका आदर करते हैं, मगर छुटभैये नेता का नाम नहीं लिया।
नड्डा, धूमल के हस्तक्षेप के सवाल पर बोले, मैं आदर रखता हूं
उन्होंने कहा कि ये जो दूसरे मित्र हैं, ये हल्की टिप्पणियां करते हैं। ये खुद को विपक्ष का नेता कहते हैं। हालांकि, विपक्ष में कई लोग इन्हें इनके सहयोग और समर्थन में नहीं हैं।
यह खुद को वीरभद्र का करीबी बताते हैं। इनके बारे में वीरभद्र क्या सोचते हैं, पता नहीं। ये नेता पंजाब से सटे इलाके से हैं। ये पंजाब के कल्चर से बात करते हैं। वे इस कल्चर को हिमाचल में न लाएं।
कांग्रेस नेताओं की ओर से सरकार में नड्डा और धूमल के हस्तक्षेप के सवाल पर जयराम ठाकुर बोले - मैं आदर रखता हूं। वे चाहे शांता कुमार, प्रेमकुमार धूमल या भाजपा से कोई भी वरिष्ठ नेता हों, मेरी जिम्मेवारी सबको तरजीह देने की है।