हिमाचल: जयराम ठाकुर बोले-आपदा में भूमिहीन हुए लोग जंगल में रहने को मजबूर
जयराम ठाकुर ने कहा कि डेढ़ साल से प्रदेश का विकास रिवर्स गियर में चल रहा है। डेढ़ साल में सरकार के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ भी नहीं है।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि डेढ़ साल से प्रदेश का विकास रिवर्स गियर में चल रहा है। डेढ़ साल में सरकार के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ भी नहीं है। प्रदेश में बारिश की वजह से आई आपदा को एक साल का समय हो चुका है और अभी तक लोग सहायता के लिए भटक रहे हैं। इस आपदा में भूमिहीन हो चुके लोगों को अभी तक जमीन नहीं मिली और लोग जंगलों में रहने को मजबूर हैं। आपदा प्रभावितों के प्रति इस तरह की संवेदनहीनता अत्यंत दुखद है। बेघर हुए लोग एक साल से सरकार से मदद की आस में बैठे हैं। सोमवार को जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल आई त्रासदी से प्रदेश में हजारों घर पूरी तरह से तहत-नहस हो गए हैं।
लोगों के घर, बाग, पशुशालाएं, खेत और फसल की भारी तबाही हुई थी। बहुत सारे लोग ऐसे थे, जिनकी जमीनें तक बह गई थीं और लोग घर के साथ ही भूमिहीन भी हो गए थे। ऐसे प्रभावितों को घर बनाने के लिए जमीन देने की मांग भाजपा ने मौके पर भी की थी और विधानसभा सत्र के दौरान सदन में भी उठाई थी। सरकार प्रदेश में विकास के कामों पर पूरी तरह विराम लगा चुकी है, लेकिन नियमित रूप से कर्ज लेकर सरकार चला रही है। जो इस बरसात में फिर से लोगों के लिए परेशानी का का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब बहुत वक्त बीत चुका, सरकार विकास के कामों को गति दे और जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुलझाए।