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जयराम कैबिनेट के फैसले: नौकरी के खुले द्वार, उद्योगपतियों को राहत, पर्यटन को झटका

Sat, 13 Oct 2018 12:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 13 Oct 2018 12:04 PM IST
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Jairam thakur cabinet decisions: open job, relief to industrialists, shocks for tourism

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चामुंडा मंदिर के नजदीक जदरांगल में साढ़े 24 हेक्टेयर भूमि केंद्र के नाम ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी है। उधर, मनाली में 1600 करोड़ के बहुचर्चित हिमालयन स्की विलेज प्रोजेक्ट को सरकार ने रद्द कर दिया है। स्थानीय लोगों और देवताओं के विरोध के बाद यह प्रोजेक्ट लटक गया था। वहीं हिमाचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला और देहरा दोनों जगह स्थायी कैंपस होंगे।

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प्रदेश के पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण की स्वीकृति 20 जनवरी 2009 को मिली थी। भवन निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित हो चुकी है, लेकिन दो जगह कैंपस के चलते भवन निर्माण लटका रहा। देहरा में कैंपस के निर्माण को जमीन केंद्र के नाम स्थानांतरित हो चुकी है। धर्मशाला के जदरांगल में साढ़े 24 हेक्टेयर भूमि शिक्षा विभाग के नाम है जिसे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को देने की मंजूरी दे दी गई है। वर्तमान में देहरा और धर्मशाला में कक्षाएं चल रही हैं। 
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उद्योगों की तीन फीसदी घटाई स्टांप ड्यूटी
उद्योगपतियों से पंजीकरण के समय वसूली जाने वाली 6 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी को तीन प्रतिशत किया। बशर्ते वे राज्य में अपनी इकाई की स्थापना के उपरांत राज्य में ढांचा स्थापित करने के लिए निजी भूमि खरीदते हैं। इस फैसले से उन उद्योगपतियों को वित्तीय लाभ मिलेगा, जिन्होंने पूर्व में उद्योग विभाग को छह फीसदी स्टांप ड्यूटी दी थी।

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नौकरी के खुले द्वार

Jairam thakur cabinet decisions: open job, relief to industrialists, shocks for tourism

कराटे खिलाड़ियों को नौकरी में तीन फीसदी आरक्षण
प्रदेश मंत्रिमंडल ने कराटे में बेहतरीन प्रदर्शन करवाने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में तीन फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। सरकार ने कराटे डू की जगह अब कराटे को सरकारी नौकरी देने की पात्रता में शामिल कर दिया है।

नौकरी के खुले द्वार, 221 पद भरे जाएंगे
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में 221 नए पद भरने को मंजूरी दी है। तकनीकी शिक्षा विभाग में दैनिक भोगी आधार पर चतुर्थ श्रेणियों के 94 पद, आईपीएच में लिपिकों के 9 पद एलडीआर के माध्यम से भरने, कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (आईटी) के 50 पद सृजित तथा भरने, कृषि विज्ञान केंद्रों में विषयवाद विशेषज्ञ के तीन पद, लिपिकों के चार पद अनुबंध आधार पर भरने को मंजूरी प्रदान की। सूचना एवं जनसंपर्क  विभाग में अनुबंध आधार पर विभिन्न श्रेणियों के 22 पदों, मेडिकल कॉलेज नेरचौक में आपातकालीन चिकित्सा अधिकारियों के 6 पदों को भरने की भी मंजूरी दी। सीएचसी बंगाणा में विभिन्न श्रेणियों के 18 पदों को सृजित व भरने व सीएचसी थानाकलां में विभिन्न श्रेणियों के 15 पदों को सृजित व भरने की स्वीकृति दी।

पर्यटन से जुड़े 1600 करोड़ के प्रोजेक्ट को झटका

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वर्ष 2006 में पूर्व कांग्रेस सरकार के समय के मनाली में प्रस्तावित 1600 करोड़ के पर्यटन से जुड़े स्की विलेज प्रोजेक्ट को जयराम मंत्रिमंडल ने करारा झटका दिया है। स्थानीय लोगों और देव समाज ने इसका कड़ा विरोध किया था। इसके विरोध में देव संसद जगती बुलाई गई थी। 3500 करोड़ के शुरुआती प्रोजेक्ट को 1600 करोड़ का कर दिया गया। स्थान भी बदल दिया गया लेकिन मामला अटका रहा। शुक्रवार को हिमाचल मंत्रिमंडल ने एमओयू को नामंजूर कर दिया है। 

अमेरिकन होटल डेवेलपर जॉन सिम्स ने देश-विदेश की करीब 24 कंपनियों को जोड़कर हिमालयन स्की विलेज कंपनी की स्थापना की। 5 जून, 2006 को कांग्रेस सरकार के समय मनाली के हामटा पास के समीप इसके निर्माण को लेकर निवेश का प्रस्ताव दिया। एमओयू हुआ लेकिन लोगों का विरोध भारी पड़ गया। स्की विलेज प्रोजेक्ट के तहत मनाली में टाउनशिप विकसित की जानी थी।

इसके अलावा शीतकालीन खेलों खासकर हेली स्कीइंग के लिए बुनियादी ढांचा भी पर्यटकों के लिए विकसित किया जाना था। इसके अलावा मनाली घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाएं भी स्की विलेज में उपलब्ध कराई जानी प्रस्तावित थी। बड़े स्तर पर रोपवे भी बनाया जाना था।

जीएसटी संशोधन अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी

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जयराम मंत्रिमंडल ने बैठक में हिमाचल प्रदेश वस्तु एवं सेवाकर (संशोधन) अध्यादेश 2018 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की। इसके अंतर्गत न्यूनतम कर योग्य कारोबार को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। इससे राज्य में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। छोटे करदाताओं (कम्पोजिशन डीलर) को आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है।

अब वे यह रिटर्न मासिक की बजाय त्रैमासिक जमा कर पाएंगे। करों का भुगतान भी त्रैमासिक किया जाएगा। जीएसटी लागू होने के समय तत्कालीन हिमाचल सरकार की सिफारिश पर जीएसटी काउंसिल ने कर से छूट के लिए दस लाख की सीमा तय की थी। हालांकि नई सरकार के गठन के बाद व्यापारियों की मांग पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खुद काउंसिल से इस लिमिट को बीस लाख करने की मांग की थी। जिसके बाद जीएसटी काउंसिल ने इसे बीस लाख कर दिया था। चूंकि विधानसभा सत्र अभी दूर है, ऐसे में तब तक प्रदेश के लाखों व्यापारियों को राहत देने के लिए सरकार ने आर्डिनेंस का सहारा लिया है।

तीन अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाने को स्वीकृति

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प्रदेश सरकार तीन अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाने को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले में विस्तृत चर्चा हुई है। डीपीसी के बाद इन्हें अफसरों को पदोन्नति का तोहफा दिया जा सकता है। प्रधान सचिव संजय गुप्ता मनोज कुमार और आरडी धीमान को अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाए जाने की फाइल पहले भी चली थी, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए इसे रोका गया था, वीरवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में 3 मुख्य सचिव बनाने को मंजूरी दी है।

अब तीनों प्रधान सचिवों का एसीएस बनना लगभग तय है। हिमाचल में पहले भी एसीएस पद पर पदोन्नतियां विवादों में रहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की मंजूरी के बिना ही एक दर्जन अतिरिक्त मुख्य सचिव बना दिए। डीओपीटी से अतिरिक्त मुख्य सचिव के एक एपेक्स और दो एक्स कैडर के तीन पद ही मंजूर हैं।

ये हैं एसीएस- अतिरिक्त मुख्य सचिव उपमा चौधरी, एआर सिहाग, भारती एस सिहाग, तरुण श्रीधर, अरविंद मेहता, संजीव गुप्ता, राम सुभग सिंह, श्रीकांत बाल्दी, मनीषा नंदा, अनिल खाची, तरुण कपूर और निशा सिंह हैं। इनमें से कुछ अधिकारी केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर हैं। अब इनके साथ तीन और नाम जुड़ जाएंगे।

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