जयराम सरकार ने भी शुरू की गुड़िया हत्याकांड मामले की पड़ताल
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पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में बड़ा मुद्दा रहे गुड़िया हत्याकांड के मामले ने एक बार फिर हिमाचल में हलचल पैदा कर दी है। एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद हिमाचल सरकार ने अब अपने स्तर से भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेश के शिकायत निवारण विभाग ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद प्रदेश गृह विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
यह पहली बार है जब सरकार के स्तर पर गुड़िया हत्याकांड मामले पर पड़ताल शुरू होने जा रही है। वीरभद्र सरकार के दौरान जिला शिमला में गुड़िया का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ था। जांच के दौरान उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई। जांच के दौरान ही गुड़िया हत्याकांड के एक कथित आरोपी की भी पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई। इसके बाद शिमला समेत समूचे देश में गुड़िया हत्याकांड बड़ा मुद्दा बन गया। हालात यह हो गए कि मामले में तत्कालीन वीरभद्र सरकार को जनता के दबाव में जांच सीबीआई को भेजनी पड़ गई।
सीबीआई ने मुख्य मामले की जांच पूरी कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा कर दिया। लेकिन सीबीआई की जांच में भी कई तरह के सवाल उठने लग गए। शिमला की एक समाज सेविका तनुजा थापटा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर सीबीआई की जांच पर कई बड़े सवाल उठा दिए।
इसमें तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह के फेसबुक पेज से कुछ संदिग्ध आरोपियों के फोटो शेयर करने और बाद में हटाने की जांच न करना शामिल था। तनुजा ने आरोप लगाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई है। जिसके बाद पीएमओ ने प्रदेश सरकार को शिकायत भेजकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। अब पीएमओ से मिले निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने गृह विभाग को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।