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धर्मशाला: जगत नेगी बोले- पौंग विस्थापितों के लिए बीकानेर में जमीन देखेगी हिमाचल सरकार

Fri, 18 Oct 2024 05:28 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो,धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो,धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 18 Oct 2024 05:28 PM IST
सार

शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में पौंग बांध विस्थापित, राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक में नेगी ने कहा कि जिन पौंग विस्थापितों को अब तक राजस्थान में जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है, उनके मामलों को लेकर जल संसाधन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में गठित हाईपावर कमेटी के समक्ष भी रखा गया है।

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Jagat Negi said- Himachal govt will look for land in Bikaner for Pong displaced people
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रही है और अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में पौंग बांध विस्थापित, राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक में नेगी ने कहा कि जिन पौंग विस्थापितों को अब तक राजस्थान में जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है, उनके मामलों को लेकर जल संसाधन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में गठित हाईपावर कमेटी के समक्ष भी रखा गया है। दूसरे चरण में मुरब्बों से वंचित विस्थापितों को राजस्थान में नियमों के तहत जमीन उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों का एक दल बीकानेर में भूमि निरीक्षण और अन्य लंबित मामलों को लेकर जाएगा।

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कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भी विस्थापितों को सरकार हरसंभव मदद करेगी। लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करने के लिए हर महीने राजस्थान के राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही पौंग विस्थापितों की समस्याओं के निपटारे के लिए सब कमेटी भी गठित की जाएगी। पौंग विस्थापितों का रिकाॅर्ड गूगल शीट पर भी तैयार किया गया है, जिसमें डिटेल में जानकारी प्राप्त हो सकती है। बीबीएमबी को उपलब्ध करवाई गई जो जमीन उपयोग में नहीं लाई जा रही है, उसका भी डाटा तैयार किया जाए, जिससे इस जमीन का विस्थापित उपयोग कर सके।

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उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पौंग विस्थापितों की समस्याओं को निपटाने के लिए वर्तमान सरकार गंभीर है। दस वर्षों के पश्चात मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देशों के बाद पौंग विस्थापितों के लिए गठित राहत एवं पुनर्वास समिति की बैठक आयोजित की जा रही है। विधायक मलेंद्र राजन ने भी पौंग बांध में गत वर्ष अधिक जल निकासी का मामला उठाते हुए कहा कि डैम एक्ट के तहत बाढ़ प्रभावितों को उचित राहत दिलवाई जाए। पौंग विस्थापितों को राजस्थान में आ रहीं समस्याओं को दूर करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं।

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9,616 प्रभावित परिवारों को मिली है राजस्थान में जमीन
अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि पौंग डैम बनने से कांगड़ा जिला के विभिन्न उपमंडलों में 20,722 परिवार प्रभावित हुए थे। इनमें से 16,352 को जमीन मुहैया करवाने की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। राजस्थान में 9,616 प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन उपलब्ध करवाई जा चुकी है। 6,736 प्रभावित परिवारों को जमीन मुहैया करवाने के मामले अभी तक लंबित हैं। इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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