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गिरि नदी में फेंकी जा रही गंदगी की होगी जांच

Fri, 29 Jan 2016 08:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 29 Jan 2016 08:53 PM IST
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iph department himachal govt polluted water supply in shimla

राजधानी शिमला को पीने का पानी मुहैया करवाने वाली मुख्य पेयजल योजना गिरि में फेंकी जा रही गंदगी के मामले पर आईपीएच महकमे ने जांच बैठा दी है। विभाग के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

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‘अमर उजाला’ के 29 जनवरी के अंक में शीर्षक ‘गिरि के पानी में मिल रहा बकरों का खून’ से खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को चीफ इंजीनियर ऑफिस में दिनभर बैठकों का दौर चला। उधर, माईपुल में तैनात विभाग के सहायक अभियंता गोपाल कृष्ण ने शुक्रवार को मौके का दौरा कर जानकारी जुटाई।
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शिमला शहर की जनता को सप्लाई हो रहे गिरि नदी के पानी को दूषित होने से बचाने के लिए अब पंचायत प्रतिनिधियों की मदद लेने का फैसला लिया गया है। विभाग अब संयुक्त मुहिम चलाएगा। इसके तहत पंचायत प्रतिनिधियों को गिरि नदी सहित अन्य पेयजल स्रोतों पर निगरानी रखने के लिए कहा जाएगा।
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शुक्रवार को विभाग ने नदी के साथ लगती पंचायतों को इस बाबत पत्र भी जारी कर दिए हैं। विभाग ने गिरि नदी के पानी में गंदगी को लेकर एसडीएम ठियोग, उपायुक्त शिमला और पुलिस विभाग को भी सूचित कर दिया है।

गिरि नदी में फेंकी जा रही गंदगी के मामले की जांच अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल को सौंपी गई है। सहायक अभियंता ने शुक्रवार को मौके का निरीक्षण किया है। -आरएम मुकुल, मुख्य अभियंता शिमला जोन आईपीएच

गिरि पेयजल योजना से रोजाना पानी के सैंपल लेकर जांचे जाते हैं। पानी की शुद्धता बरकरार है। नदी किनारे बसे लोगों का भी कर्तव्य बनता है कि वह पेयजल स्रोतों को साफ रखें। -डीआर शर्मा, अधिशासी अभियंता

हिमाचल में सेप्टिक टैंक की जांच शुरू-
हिमाचल में भवन मालिकों के सेप्टिक टैंकों की जांच होगी। शिमला के अलावा सरकार ने जिलों में भी टैंकों की जांच करने के आदेश दिए हैं। शिमला और सोलन में पीलिया फैलने के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है।

नगर निगम शिमला और आईपीएच विभाग के बाद अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने पीलिया पर काबू पाने के लिए टीमें गठित की हैं। टीम के सदस्य मौके पर जाकर लोगों के सेप्टिक टैंक की जांच करेंगे। सरकार ने पहले ही नगर निगम और टीसीपी को निर्देश दिए हैं कि जिन भवन मालिकों के सेप्टिक टैंक लीक हो रहे हैं, उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएं।


इसके चलते टीसीपी ने जूनियर इंजीनियर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। यह मौके पर जाकर लोगों को हिदायतें दे रही है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि लोगों के सेप्टिक टैंक की जांच के लिए टीसीपी को कमेटी गठित करने को कहा है। जिन भवन मालिकों के सेप्टिक टैंक लीकेज हो रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

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