इन्वेस्टर मीट: हिमाचल सरकार ने छुआ 75 हजार करोड़ के निवेश का आंकड़ा
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए प्रदेश सरकार ने 75 हजार करोड़ के निवेश का आंकड़ा छू लिया है। बुधवार सुबह तक सरकार के पास 50 हजार करोड़ का निवेश था।
दोपहर होते-होते इस आंकड़े में 25,772 करोड़ का इजाफा हो गया। अब सरकार इन्वेस्टर मीट के लिए निर्धारित किए गए 85 हजार करोड़ के लक्ष्य से सिर्फ 10 हजार करोड़ पीछे है। संभावना जताई जा रही है कि नवंबर में धर्मशाला में होने वाली इन्वेस्टर मीट तक सरकार इस निर्धारित लक्ष्य को भी पूरा कर लेगी।
इन्वेस्टर मीट के लिए ऊर्जा निदेशालय सबसे ज्यादा निवेश लेकर आया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पावर कॉनक्लेव के दौरान निदेशालय के अधिकारियों की जमकर पीठ थपथपाई। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए सरकार अभी तक 570 एमओयू कर चुकी है।
सात और आठ नवंबर को धर्मशाला में प्रस्तावित मीट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। इन्वेस्टर मीट में गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। प्रदेश सरकार ने अभी 75 हजार करोड़ के निवेश को एमओयू साइन किए हैं।
सोलर रूफ टॉप को अब ऑनलाइन होंगे आवेदन
सरकार ने इन्वेस्टर मीट के लिए 85 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा है। बुधवार को ऊर्जा निदेशालय ने अभी तक का सबसे अधिक निवेश जुटाया है। पावर कॉनक्लेव में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन एसकेबीएस नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री संजय कुंडू, निदेशक उद्योग विभाग हंसराज शर्मा, निदेशक ऊर्जा मानसी सहाय ठाकुर, एसजेवीएनएल के सीएमडी नंदलाल शर्मा, एनटीपीसी के निदेशक आनंद कुमार गुप्ता, एनएचपीसी के सीएमडी बलराज जोशी सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
हिम ऊर्जा के माध्यम से घर की छत पर सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए इच्छुक लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री ने आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से आवेदकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस तय समय में मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पांच मेगावाट तक के ऊर्जा उत्पादकों के लिए ब्राउशर का भी अनावरण किया।