दोबारा शुरू हुई बूट खरीद मामले की जांच, विधानसभा में सीएम ने दी जानकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित बूट खरीद मामले की जांच दोबारा शुरू हो गई है। विधानसभा के प्रश्नकाल में विधायक राकेश सिंघा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने लिखित में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्टेट विजिलेंस और कंटी करप्शन ब्यूरो मामले की जांच कर रहा है। कोर्ट के आदेशानुसार दोबारा से मामले की जांच करने का फैसला लिया गया है।
बता दें कि बूट खरीद मामले की जांच के लिए जून 2013 में विजिलेंस ने मामला दर्ज किया था। जूतों की खरीद करने के लिए तीन कंपनियों ने टेंडर भरे थे। इनमें से दो बाहर की कंपनियां थी। तकनीकी आधार पर ये बाहर हो गई थीं। बावजूद इसके इनसे ही खरीद करने का आरोप है। इस खरीद पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जूतों की गुणवत्ता की सवालों के घेरे में थी। पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों पर इस खरीद को करने का आरोप है।
अलग से चर्चा लाएं, हर बात का जवाब दूंगी
हिमुडा की ओर से बेकार की जमीनें महंगे दाम पर खरीदने के आरोप पर सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा और शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी आमने-सामने आ गए। विधायक राजेंद्र राणा ने विधानसभा में प्रस्ताव लाया कि हिमुडा करोड़ों रुपये खर्च कर बेकार जमीनें खरीद रहा है। सरकार पर पहले ही करोड़ों का कर्ज है। ऊपर से इस तरह राशि खर्च करना ठीक नहीं है। उन्होंने ऊना और देहरा के पास खरीदी जमीन का हवाला किया। जवाब में मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि विधायक सनसनी फैला रहेे हैं। इन्हें पूरी जानकारी लेने के बाद बात करनी चाहिए थी।
इनकी बात का जवाब देने को तैयार हूं। देहरा की जमीन छुपाई नहीं है। आप अलग से चर्चा लाइये मैं हर बात का जवाब दूंगी। हमने नया काम नहीं किया, बल्कि आपकी सरकार के कामों को ही आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार ने हिमुडा के लिए न तो पहले और न अब बजट दिया है। हिमुडा एक एजेंसी है। आज हिमुडा फायदे में है। लोन के लिए सरकार गारंटी देती है। कहा कि जाठिया देवी में टाउनशिप बनाने के लिए सिंगापुर की सरकारी एजेंसी पीछे हटी है। इसका कारण एनजीटी के आदेश हैं।