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Shimla News: कैसे चोरी हुआ लाखों का स्क्रैप, जांचने कल गुम्मा जाएगी कमेटी
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सदन के फैसले के बाद पेयजल कंपनी ने तीन पार्षदों को जांच कमेटी में किया शामिल
गुम्मा परियोजना के स्टोर से गायब हुआ है तांबे और कांसे का लाखों का स्क्रैप, नगर निगम से छिपाई थी चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। गुम्मा पेयजल परियोजना के स्टोर से तांबे-कांसे का 30 क्विंटल से ज्यादा स्क्रैप चोरी होने के मामले में गठित जांच कमेटी मंगलवार को मौके का दौरा करेगी। आखिर कंपनी के स्टोर से इतना भारी भरकम सामान कैसे गायब हो गया, इसका पता लगाया जाएगा।
इस मामले में कहीं किसी की कोई मिलीभगत तो नहीं है, इस पर भी मौके पर व्यवस्था को जांचा जाएगा। सदन के फैसले के बाद पेयजल कंपनी ने तीन पार्षदों को भी जांच कमेटी में शामिल कर लिया है। इस बारे में अधिसूचना जारी कर तीनों पार्षदों को मंगलवार को गुम्मा दौरे पर बुलाया गया है। एजीएम संजय कौशल की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में पहले दो सहायक अभियंता शामिल थे। यह कमेटी पिछले साल गठित हो चुकी थी लेकिन इसने आज तक कोई जांच रिपोर्ट पेश नहीं की। दूसरी ओर नगर निगम से भी इतनी बड़ी चोरी की बात छिपाई गई। अब जब नगर निगम सदन में इस मामले का खुलासा हुआ तो महापौर ने इस जांच कमेटी में तीन पार्षदों को शामिल करने के निर्देश दिए थे। भाजपा पार्षद कमलेश मेहता, माकपा पार्षद वीरेंद्र ठाकुर और कांग्रेस के मनोनीत पार्षद गोपाल शर्मा को कमेटी में शामिल किया गया है। यह कमेटी गुम्मा का दौरा करेगी और इस माह के अंत में होने वाले नगर निगम सदन में रिपोर्ट देगी। जांच कमेटी सदस्य वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि मंगलवार को टीम गुम्मा का दौरा करने जा रही है।
सवालों के घेरे में है कंपनी
गुम्मा परियोजना के स्टोर से हुई लाखों की चोरी की बात कंपनी ने नगर निगम से भी छिपाए रखी। हाल ही में आरटीआई से ली गई सूचना में इस मामले का खुलासा हुआ। पता चला कि स्टोर से तांबे, कांसे के स्क्रैप समेत कुल 30 क्विंटल सामान गायब हुआ है। सदन में मेयर और पार्षदों ने भी कंपनी से इस पर जवाब तलब किया था। कंपनी ने सदन में जिम्मेदार अफसरों की जगह दूसरे अधिकारी भेज दिए। इस पर भी पार्षदों ने सवाल उठाए थे। इस माह होने वाली बैठक में कंपनी के संबंधित अधिकारियों को सदन में जवाब देने के लिए बुलाया गया है।
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गुम्मा परियोजना के स्टोर से गायब हुआ है तांबे और कांसे का लाखों का स्क्रैप, नगर निगम से छिपाई थी चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। गुम्मा पेयजल परियोजना के स्टोर से तांबे-कांसे का 30 क्विंटल से ज्यादा स्क्रैप चोरी होने के मामले में गठित जांच कमेटी मंगलवार को मौके का दौरा करेगी। आखिर कंपनी के स्टोर से इतना भारी भरकम सामान कैसे गायब हो गया, इसका पता लगाया जाएगा।
इस मामले में कहीं किसी की कोई मिलीभगत तो नहीं है, इस पर भी मौके पर व्यवस्था को जांचा जाएगा। सदन के फैसले के बाद पेयजल कंपनी ने तीन पार्षदों को भी जांच कमेटी में शामिल कर लिया है। इस बारे में अधिसूचना जारी कर तीनों पार्षदों को मंगलवार को गुम्मा दौरे पर बुलाया गया है। एजीएम संजय कौशल की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में पहले दो सहायक अभियंता शामिल थे। यह कमेटी पिछले साल गठित हो चुकी थी लेकिन इसने आज तक कोई जांच रिपोर्ट पेश नहीं की। दूसरी ओर नगर निगम से भी इतनी बड़ी चोरी की बात छिपाई गई। अब जब नगर निगम सदन में इस मामले का खुलासा हुआ तो महापौर ने इस जांच कमेटी में तीन पार्षदों को शामिल करने के निर्देश दिए थे। भाजपा पार्षद कमलेश मेहता, माकपा पार्षद वीरेंद्र ठाकुर और कांग्रेस के मनोनीत पार्षद गोपाल शर्मा को कमेटी में शामिल किया गया है। यह कमेटी गुम्मा का दौरा करेगी और इस माह के अंत में होने वाले नगर निगम सदन में रिपोर्ट देगी। जांच कमेटी सदस्य वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि मंगलवार को टीम गुम्मा का दौरा करने जा रही है।
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सवालों के घेरे में है कंपनी
गुम्मा परियोजना के स्टोर से हुई लाखों की चोरी की बात कंपनी ने नगर निगम से भी छिपाए रखी। हाल ही में आरटीआई से ली गई सूचना में इस मामले का खुलासा हुआ। पता चला कि स्टोर से तांबे, कांसे के स्क्रैप समेत कुल 30 क्विंटल सामान गायब हुआ है। सदन में मेयर और पार्षदों ने भी कंपनी से इस पर जवाब तलब किया था। कंपनी ने सदन में जिम्मेदार अफसरों की जगह दूसरे अधिकारी भेज दिए। इस पर भी पार्षदों ने सवाल उठाए थे। इस माह होने वाली बैठक में कंपनी के संबंधित अधिकारियों को सदन में जवाब देने के लिए बुलाया गया है।
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