सरकार से एक पैसा लिए बिना अपने दम पर कर दिया ये काम
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हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की स्नेहलता ने अपने दम पर ही प्रशिक्षण देकर देश को सात ऐसे इंटरनेशनल खिलाड़ी दे दिए हैं, जो मैदान में उतरते ही खेल का रुख बदल देते हैं।
इतना ही नहीं, उनके सिखाए 110 खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। सबसे खास बात है कि स्नेहलता ने आजतक किसी भी खिलाड़ी से प्रशिक्षण शुल्क नहीं लिया है।
प्रशिक्षण से आगे बढ़कर स्नेहलता ने प्रशिक्षुओं के लिए खाने-पीने से लेकर रहने तक की मुफ्त में व्यवस्था कर रखी है। स्नेहलता सुबह-शाम लड़कियों के साथ प्रेक्टिस करती नजर आती हैं।
हॉस्टल का खर्च चलाने के लिए खेतों में करती है काम
हॉस्टल का खर्च चलाने के लिए वह खेतों में काम भी करती हैं। मोहरसिंघी में लड़कियों को हैंडबाल का प्रशिक्षण दे रहीं स्नेहलता स्कूल में राजनीति शास्त्र की अध्यापिका हैं।
सात लड़कियां और दो लड़के इंटरनेशनल स्तर पर खेल चुके हैं। प्रशिक्षु मेनिका पॉल भारतीय जूनियर हैंडबाल टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। अन्य प्रशिक्षुओं ने शानदार प्रदर्शन कर सात गोल्ड, पांच सिल्वर व छह कांस्य पदक जीते हैं।