कुल्लू दशहरा: गुस्साए देवता वीरनाथ पहुंचे डीसी के दफ्तर, बोले- मुझे वापिस चाहिए अपनी जगह
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कुल्लू दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के स्थान और परंपरा में कोई छेड़छाड़ हो तो देवता क्रोधित हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला देखने को मिला है। डमचीण के देवता वीरनाथ की जगह एक अन्य देवता के देवलुओं ने कब्जा कर दिया। इस पर देवता क्रोधित हो गए और उपायुक्त दफ्तर पहुंच गए।
मोहल्ले के लिए निकले देवी देवताओं के देवमिलन की रस्म को पूरा करने के बाद ही जैसे देवलु अस्थायी शिविर की ओर जाने लगे तो अचानक डमचीण के देवता वीरनाथ उपायुक्त कार्यालय की ओर मुड़ गए।
देवता आगे-आगे जबकि देवलुओं को पीछे से भागना पड़ा। इससे पहले कि देवलु कुछ समझ पाते, देवता सीधे उपायुक्त कार्यालय के बाहर खड़े हो गए। देवता वीरनाथ को उपायुक्त कार्यालय के बाहर देखकर सारे कर्मचारी हैरान हो गए।
देवता ने उपायुक्त को बाहर आने का इशारा किया। इस पर कर्मचारियों ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय में नहीं हैं। लेकिन देवता नहीं माने। देवता करीब 10 मिनट तक कार्यालय के बाहर डटे रहे। इसके बाद देवता रघुनाथ के अस्थायी शिविर की ओर रवाना हुए।
देवता वीरनाथ डमचीण के कारदार कृष्ण चंद ने कहा कि देवता के अस्थायी शिविर वाली जगह एक अन्य देवता के देवलुओं पर कब्जा किया गया है जिससे देवता को शिविर में आने-जाने व वीरनाथ के देवलुओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि देवता ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें जगह वापस चाहिए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।