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टूट गई 16वीं सदी से चली आ रही देव परंपरा

Fri, 10 Oct 2014 08:42 AM IST
Updated Fri, 10 Oct 2014 08:42 AM IST
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international kullu dusherra: animal sacrifices ritual stopped.

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 16वीं सदी से चली आ रही देव परंपरा आखिर वीरवार को टूट गई। व्यास नदी के तट पर लंका दहन के मौके पर दी जाने वाली अष्टांग बलि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन और पुलिस ने नहीं होने दी।

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हालांकि देव समाज से जुड़े लोगों का दावा है कि किसी भी परंपरा को नहीं टूटने दिया गया है। लेकिन प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद किसी भी प्रकार की बलि नहीं होने दी गई है। वहीं मिडिया कर्मियों को भी मौके पर नहीं जाने दिया गया।
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उल्लेखनीय है कि 1650 में यहां तत्कालीन राजा जगत सिंह अयोध्या से भगवान रधुनाथ को लेकर कुल्लू आए थे। जिसके बाद से कुल्लू में दशहरे का आयोजन किया जाता रहा है। वहीं इसके समापन पर व्यास के तट पर लंका दहन के मौके पर अष्टांग बलि दी जाती आ रही थी।

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हाईकोर्ट ने लगाई थी बलि पर रोक

international kullu dusherra: animal sacrifices ritual stopped.

इस बार प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य में पशु बलि पर रोक लगा गई थी। हालांकि देव समाज से जुड़े लोगों ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। लेकिन दशहरा समापन तक सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिल पाई।

जिस कारण प्रशासन ने बलि को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। हालांकि कई स्थानों में बलि होने की चरचा रही। क्योंकि सीएम के कार्यक्रम के दौरान महेश्वर सिंह मंच से घोषणा कर चुके थे कि न ही कानून को तोड़ा जाएगा न ही परंपरा को छोड़ा जाएगा।

इधर, उपायुक्त एवं मेला कमेटी के अध्यक्ष राकेश कंवर का कहना है कि लंका दहन के मौके पर किसी भी प्रकार की बलि नहीं होने दी गई है।

नारियल फोड़ कर किया निर्वहन

international kullu dusherra: animal sacrifices ritual stopped.

डीसी ने कहा कि पशु बलि के स्थान पर नारियल चढ़ा कर देव परंपरा का निर्वहन किया गया। वहीं उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मचारियों को नहीं रोका गया है। लोगों को इस लिए रोका गया था कि कहीं किसी प्रकार की भगदड़ न मच जाए।

इधर, कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम का कहना है कि किसी भी प्रकार से कानून नहीं तोड़ा गया है न ही परंपरा को तोड़ा। इधर, देवी हिडिंबा के कारदार रोहित शर्मा ने कहा कि नारियल बलि देकर परंपरा का निर्वहन किया गया है।

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