Shimla News: रिश्वत मांगने के आरोपी इंश्योरेंस सर्वेक्षक को हाईकोर्ट से जमानत
प्रदेश हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले इंश्योरेंस सर्वेक्षक को सशर्त जमानत दे दी है। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने एनएस सिद्धू को एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले इंश्योरेंस सर्वेक्षक को सशर्त जमानत दे दी है। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने एनएस सिद्धू को एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं कि वह बिना अदालत की अनुमति से भारत से बाहर नहीं जाएगा। अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता अदालत की ओर से लगाई गई शर्तों का उल्लंघन करता है तो सीबीआई जमानत रद्द करने के लिए आवेदन कर सकती है। परवाणू के एक व्यापारी की शिकायत पर सीबीआई ने एनएस सिद्धू के खिलाफ शिमला में प्राथमिकी दर्ज की है। केतन कुमार ने सीबीआई को शिकायत दी कि इंश्योरेंस सर्वेक्षक एनएस सिद्धू उसके 44 लाख के बीमा की राशि को अदा करने के लिए 12 लाख की रिश्वत मांग रहा है। सीबीआई को बताया गया कि शिकायतकर्ता केतन कुमार की परवाणू में सेवी गो के नाम से वाहन की फैक्ट्री थी।
वर्ष 2010 में अचानक से फैक्ट्री में आग लग गई और करोड़ों रुपयों को नुकसान हो गया। शिकायतकर्ता ने फैक्ट्री का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी चंडीगढ़ से करवाया था। कंपनी ने बीमा देने से मना कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग दिल्ली के समक्ष शिकायत दायर की थी। आयोग ने कंपनी को आदेश दिए थे कि वह शिकायतकर्ता को 44 लाख रुपये की राशि 9 फीसदी ब्याज के साथ अदा करे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बीमा की राशि पाने के लिए चंडीगढ़ में इंश्योरेंस सर्वेक्षक एनएस सिद्धू से संपर्क किया। सिद्धू ने बीमा की राशि अदा करने के लिए 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। सिद्धू की ओर से दलील दी गई कि वह 60 फीसदी विकलांग है और सीबीआई ने उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। जबकि अभी मामले की जांच चल रही है।