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Shimla News: इंश्योरेंस क्लेम न देने पर बीमा कंपनी को लगाया जुर्माना

Fri, 06 Dec 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2024 11:59 PM IST
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Insurance company fined for not paying insurance claim
जिला उपभोक्ता अदालत ने सुनाया फैसला
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कंपनी ने खारिज कर दिया था उपभोक्ता का दावा संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वाहन मालिक को इंश्योरेंस क्लेम न देने पर जिला उपभोक्ता अदालत ने बीमा कंपनी को जुर्माना लगाया है। आयोग ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को 4,64,214 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही 70 हजार रुपये मानसिक तनाव और कोर्ट खर्च के भी देने होंगे।

इंश्योरेंस कंपनी ने दुर्घटना के समय मृतक वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वास्तविक नहीं होने के आधार पर दावे को खारिज किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता निरमंड निवासी अलका मिश्रा ने बताया कि 10 जुलाई 2016 को रामपुर बुशैहर के भद्राश के निकट माचडा खड्ड में बीमाकृत बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 32 लोग सवार थे जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने इस बाबत पुलिस और बीमा कंपनी को सूचित किया और सर्वेयर के निर्देश पर बस की चेसिस को मरम्मत के लिए दिनेश टाटा ऑटोमोबाइल, रामपुर को सौंप दिया। बस की बॉडी की मरम्मत भदौड़, जिला बरनाला (पंजाब) में करवाने पर सहमति बनी थी। इसी दौरान बस की बॉडी पर 6.90 लाख और बस की चेसिस की मरम्मत पर 2.46 लाख रुपये खर्च हुए थे। शिकायतकर्ता ने बिल की प्रतियां कंपनी को प्रस्तुत की थीं लेकिन 1 नवंबर 2017 को शिकायतकर्ता के वास्तविक दावे को खारिज कर दिया। इससे परेशान होकर उसने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य कैलाश चंद की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के चलते बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह उपभोक्ता को 45 दिन के भीतर शिकायत दर्ज करने की तिथि से प्रति वर्ष नौ फीसदी के ब्याज के साथ भुगतान अदा करे।
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मामला में ऐसे आया नया मोड़
बीमा कंपनी दावे के मुताबिक उसने मणिपुर में उखरोल जिले के पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरण से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी जिसमें बताया गया था कि मृतक चालक का ड्राइविंग लाइसेंस उनके कार्यालय द्वारा बनाए रिकॉर्ड के अनुसार वास्तविक नहीं है। इस बीच 29 नवंबर 2017 को शिकायतकर्ता ने मणिपुर के उखरोल जिले के जिला कोषागार अधिकारी को पत्र लिखा। मणिपुर के उखरोल के जिला कोषागार अधिकारी ने अपने पत्र के माध्यम से शिकायतकर्ता को सूचित किया कि आरटीआई के तहत कोई जानकारी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को नहीं दी है।
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