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Shimla News: शांति विहार में ग्राउटिंग तकनीक से मिलेगी दरकती जमीन को मजबूती
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कई मकानों में दरारें आने के बाद एनएचएआई ने मौके पर भेजी कई टीमें, शुरू हुआ राहत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के शांति विहार वार्ड के रिहायशी इलाकों में बने मकानों में आई दरारों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद एनएचएआई ने अतिरिक्त टीमें मौके पर भेज दी हैं। इन टीमों ने यहां रिहायशी मकानों की दीवारों पर पड़ी दरारों को भरना शुरू कर दिया है। रविवार को भी 30 से ज्यादा तकनीकी कर्मचारियों ने इलाके में मरम्मत कार्य तेज किया।
एनएचएआई के अनुसार इस क्षेत्र में ग्राउटिंग तकनीक से जमीन को मजबूती दी जाएगी। इस तकनीक के तहत दरारों में सीमेंट भरा जाता है ताकि जमीन के अंदर तक मिट्टी को मजबूती मिले। इससे जमीन दरकने की आशंका कम हो जाती है। एनएचएआई का कहना है कि फोरलेन के काम में लगी कई टीमों को भी शांति विहार के रिहायशी इलाकों में भेजा गया है। यहां राहत और मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने को कहा गया है। लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा ने बताया कि रविवार को रिहायशी क्षेत्रों में काम जारी रहा है। पेट्रोल पंप से निचले इलाके में बने मकानों में यह दरारें देखी गई हैं। यहीं पर अब यह काम भी किया जा रहा है। पार्षद ने कहा कि इस क्षेत्र से आगे के लोग भी चाहते हैं कि उनके मकानों को बचाने के लिए भी योजना बने। यहां ज्यादातर पुराने मकान हैं। ऐसे में लोग डरे हुए हैं। एनएचएआई के परियोजना निदेशक आनंद कुमार दहिया ने कहा कि शांति विहार में टीमें भेजी गई हैं। इन्होंने काम शुरू कर दिया है। ग्राउटिंग तकनीक से जमीन को मजबूती दी जाएगी।
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लोगों को तुरंत मिले मुआवजा : रवि
गदर फ्रंट संयोजक रवि कुमार ने संजौली में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की सुरंग ब्लास्टिंग से घरों में दरारें आने का आरोप लगाया है। कहा कि ऐसी ही घटना पहले चलौंठी में भी हुई थी। रवि ने नगर निगम शिमला और जिला प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही है। गदर फ्रंट ने तुरंत वैज्ञानिक जांच, काम रोकने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के शांति विहार वार्ड के रिहायशी इलाकों में बने मकानों में आई दरारों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद एनएचएआई ने अतिरिक्त टीमें मौके पर भेज दी हैं। इन टीमों ने यहां रिहायशी मकानों की दीवारों पर पड़ी दरारों को भरना शुरू कर दिया है। रविवार को भी 30 से ज्यादा तकनीकी कर्मचारियों ने इलाके में मरम्मत कार्य तेज किया।
एनएचएआई के अनुसार इस क्षेत्र में ग्राउटिंग तकनीक से जमीन को मजबूती दी जाएगी। इस तकनीक के तहत दरारों में सीमेंट भरा जाता है ताकि जमीन के अंदर तक मिट्टी को मजबूती मिले। इससे जमीन दरकने की आशंका कम हो जाती है। एनएचएआई का कहना है कि फोरलेन के काम में लगी कई टीमों को भी शांति विहार के रिहायशी इलाकों में भेजा गया है। यहां राहत और मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने को कहा गया है। लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
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स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा ने बताया कि रविवार को रिहायशी क्षेत्रों में काम जारी रहा है। पेट्रोल पंप से निचले इलाके में बने मकानों में यह दरारें देखी गई हैं। यहीं पर अब यह काम भी किया जा रहा है। पार्षद ने कहा कि इस क्षेत्र से आगे के लोग भी चाहते हैं कि उनके मकानों को बचाने के लिए भी योजना बने। यहां ज्यादातर पुराने मकान हैं। ऐसे में लोग डरे हुए हैं। एनएचएआई के परियोजना निदेशक आनंद कुमार दहिया ने कहा कि शांति विहार में टीमें भेजी गई हैं। इन्होंने काम शुरू कर दिया है। ग्राउटिंग तकनीक से जमीन को मजबूती दी जाएगी।
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लोगों को तुरंत मिले मुआवजा : रवि
गदर फ्रंट संयोजक रवि कुमार ने संजौली में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की सुरंग ब्लास्टिंग से घरों में दरारें आने का आरोप लगाया है। कहा कि ऐसी ही घटना पहले चलौंठी में भी हुई थी। रवि ने नगर निगम शिमला और जिला प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही है। गदर फ्रंट ने तुरंत वैज्ञानिक जांच, काम रोकने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।