ब्राजील से सेब आयात पर सख्ती, हिमाचल को फायदा
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भारत सरकार ने ब्राजील से सेब के आयात पर सख्ती कर दी है। इससे हिमाचल के बागवानों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
ब्राजील ने भारत सरकार को सेब के निर्यात का प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद क्वारेंटाइन टेस्ट की अधिसूचना जारी की गई है। हिमाचल के बागवान ब्राजील सहित अन्य देशों से सेब आयात का विरोध करते आ रहे हैं।
हिमाचल में सेब बागवानी का 3500 से 4000 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार है। विदेशी सेब आने से बागवानों का दो तरह से नुकसान हो रहा है।
इससे प्रदेश के बागवानों को मार्केट में पहले से विदेशी सेब होने पर अच्छे रेट नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरा हिमाचल तक विदेशों से सेब की कई खतरनाक बीमारियों के पहुंचने की आशंका है।
ब्राजील से फिटोसेनीटरी प्रमाणपत्र साथ लगाकर सेब भारत भेजने को कहा
भारत के लिए अमेरिका, चीन, चिली जैसे तीन दर्जन देश पहले ही सेब के फलों की सप्लाई कर रहे हैं। अब इनमें ब्राजील भी शामिल है। ब्राजील का सेब मार्केट में मार्च माह में आता है। केंद्र सरकार ने ब्राजील से फिटोसेनीटरी प्रमाणपत्र साथ लगाकर सेब भारत भेजने को कहा है ताकि बीमारी साथ न आए।
साउथ अमेरिकन फ्रूट फ्लाई, सैपोडीला फ्रूट फ्लाई, सान जोस स्केल, ओरियेंटल फ्रूट मोथ, फुलर्स रोज बीटल, पीयरली अंडरविंग मोथ, टोमेटो फ्रू ट रूट, स्कारलेट मिलीबग, कॉम्सस्टॉक मिलीबग, बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट, एप्पल स्कैब और ब्लैक स्पॉट।
कुलपति नौणी विवि डॉ. विजय ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार ने ब्राजील से सेब के फलों के आयात के लिए नया क्वारेंटाइन शेड्यूल जारी किया है। इससे फलों के साथ खतरनाक रोग हिमाचल नहीं आएंगे।