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कोरोना संकट: शिमला सहित देश के सात कॉफी हाउस पर ताला लगने की नौबत

Sat, 29 May 2021 01:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 29 May 2021 01:13 PM IST
सार

कॉफी हाउस का संचालन जारी रखने के लिए सरकार से कोई मदद न मिलने के कारण अब स्थिति बहुत नाजुक हो गई है। सालाना पानी का बिल करीब साढ़े तीन लाख, कूड़े का मासिक बिल 11000 और बिजली का बिल 15000 प्रति माह चुकाना पड़ रहा है।

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indian coffee house shimla suffering huge losses Amid Covid
इंडियन कॉफी हाउस शिमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिमला सहित देश के 7 प्रतिष्ठित कॉफी हाउस पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। कोरोना की मार से इंडियन कॉफी वर्कर कोऑपरेटिव सोसाइटी पिछले 10 महीनों से देश के 7 कॉफी हाउस में तैनात करीब ढाई सौ कर्मियों को वेतन नहीं दे पाई है। मौजूदा समय में सोसाइटी का घाटा बढ़ कर तीन करोड़ पहुंच गया है। ऐसे में अब सोसाइटी की प्रबंधन समिति की बैठक बुलाने की तैयारी है।

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इसके बाद जनरल काउंसिल में देश के सभी 7 कॉफी हाउस बंद करने का फैसला लिया जाएगा। 27 अक्तूबर, 1957 को दिल्ली में खुले देश के पहले इंडियन कॉफी हाउस के बाद 1962 में शिमला के मालरोड पर कॉफी हाउस खुला था। इसके अलावा चंडीगढ़ में दो, जयपुर में दो और इलाहाबाद में एक इंडियन कॉफी हाउस का संचालन हो रहा है। डेढ़ साल पहले शिमला में स्टेट बैंक मुख्य कार्यालय के पास भी कॉफी हाउस की एक ब्रांच खुली थी, जिसे नुकसान के चलते इस साल मार्च में बंद कर दिया गया।
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माल रोड कॉफी हाउस की मौजूदा समय में कमाई घटकर 2 से 3 हजार रुपये प्रतिदिन रह गई है, जिसके चलते यहां तैनात 47 कर्मियों का वेतन भी नहीं निकल पा रहा। कॉफी हाउस के प्रबंधक आत्माराम शर्मा ने बताया कि कॉफी हाउस का संचालन जारी रखने के लिए सरकार से कोई मदद न मिलने के कारण अब स्थिति बहुत नाजुक हो गई है।
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सालाना पानी का बिल करीब साढ़े तीन लाख, कूड़े का मासिक बिल 11000 और बिजली का बिल 15000 प्रति माह चुकाना पड़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन देना संभव नहीं है। कर्मचारी पीएफ और एलआईसी से ऋण लेकर परिवार पाल रहे हैं। नाजुक स्थिति में कॉफी हाउस का संचालन जारी रखना असंभव हो गया है। उधर काफी हाउस को बचाने के लिए शिमला के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पैसा जुटाने का अभियान भी शुरू कर दिया है।

जनरल काउंसिल लेगी कॉफी हाउस बंद करने का फैसला: राणा
इंडियन कॉफी वर्कर कोऑपरेटिव सोसाइटी के महासचिव कलम सिंह राणा का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर वित्तीय मदद मांगी थी लेकिन राहत नहीं मिली। अब दिल्ली स्थित सोसाइटी का मुख्य कार्यालय खुलने के बाद प्रबंधन समिति की बैठक बुलाने की तैयारी है, जिसके बाद जनरल काउंसिल कॉफी सभी हाउस बंद करने का फैसला ले सकती है।


मोदी के ट्वीट के बाद सुर्खियों में आया था शिमला कॉफी हाउस
दिसंबर 2017 में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए शिमला पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने माल रोड पर कॉफी हाउस की कॉफी का आनंद लिया था। इसके बाद ट्वीट कर लिखा ‘दो दशक बाद भी शिमला के कॉफी हाउस की कॉफी का स्वाद पहले की तरह लाजवाब’ है। इसके बाद एकाएक शिमला का कॉफी हाउस सुर्खियों में आ गया था।

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