{"_id":"62bc53902a1d9b33aa54be7c","slug":"india-post-meghdoot-award-to-premlal-lahaul-spiti-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"India Post Meghdoot Award: बर्फ में 32 किमी की दूरी तय करने वाले डाक कर्मी प्रेम लाल को मेघदूत पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
India Post Meghdoot Award: बर्फ में 32 किमी की दूरी तय करने वाले डाक कर्मी प्रेम लाल को मेघदूत पुरस्कार
Wed, 29 Jun 2022 07:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 29 Jun 2022 07:05 PM IST
सार
प्रेमलाल लाहौल घाटी के दूर-दराज के लोगों को डाक भेजने के लिए रोजाना 32 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें प्रतिष्ठित मेघदूत सम्मान से अलंकृत किया।
विज्ञापन
प्रेमलाल को दिया गया प्रतिष्ठित मेघदूत पुरस्कार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बर्फबारी के साथ हर मौसम में लाहौल जैसे दुर्गम इलाके में रोजाना 32 किमी की दूरी तय करने वाले डाक कर्मी को केंद्र सरकार ने मेघदूत पुरस्कार से सम्मानित किया है। लाहौल के गौशाल निवासी डाक विभाग में तैनात प्रेमलाल को प्रतिष्ठित मेघदूत पुरस्कार से नवाजा गया। वह घाटी के दूर-दराज के लोगों को डाक भेजने के लिए रोजाना 32 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं।
विज्ञापन
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें प्रतिष्ठित मेघदूत सम्मान से अलंकृत किया। देश में 1984 से शुरू इस पुरस्कार में कर्मचारियों के समग्र प्रदर्शन और उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डाक विभाग की सर्वोच्च मान्यता है। यह पुरस्कार आठ अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किया जाता है और इसमें एक पदक, प्रमाण पत्र और 21,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
विज्ञापन
केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथों सम्मान पाकर उत्साहित प्रेमलाल ने अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करते रहने का संकल्प लिया। वह मंडी मंडल में मेल रनर के पद पर तैनात हैं। लाहौल की उदयपुर-सलग्रां मेल लाइन करीब 32 किमी की दूरी तक फैली हुई है। सर्दियों के दौरान बर्फबारी के बीच हिमस्खलन गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। खराब मौसम के बाबजूद वह आगे बढ़ते हुए जोखिम और खतरे से खेलते हुए अपनी दैनिक यात्रा को निर्बाध रूप से पूरा करता है।
विज्ञापन