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हाईकोर्ट से सीएम वीरभद्र को मिली राहत

Thu, 16 Oct 2014 08:59 AM IST
Updated Thu, 16 Oct 2014 08:59 AM IST
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income tax case against cm virbhadra singh.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित इनकम टैक्स मामलों को जांच के लिए शिमला से चंडीगढ़ भेजने के इनकम टैक्स कमिश्नर के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर प्रतिवादी इनकम टैक्स विभाग की ओर उठाई आपत्तियों को हिमाचल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इनकम टैक्स विभाग ने आपत्ति उठाई गई थी कि इन मामलों को जांच के लिए शिमला से चंडीगढ़ भेजने के आदेशों की अनुपालना कर दी गई है।

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ऐसे में प्रार्थियों की ओर से दायर की गईं याचिकाओं को खारिज कर दिया जाए। अदालत ने विभाग की इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि प्रार्थी ने विभाग के आदेश को असंवैधानिक बताया है, जिसे याचिका में दिए तथ्यों के आधार पर और बिना सुनवाई के नहीं सुलझाया जा सकता। अदालत ने प्रार्थियों की याचिकाओं की सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।
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मामला चंडीगढ़ भेजने के लिए दायर की थी याचिका

income tax case against cm virbhadra singh.

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने चार अगस्त को इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला द्वारा जारी 25 जून 2014 के कारण बताओ नोटिस और 14 जुलाई के आदेशों पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित इनकम टैक्स मामलों को जांच के लिए शिमला से चंडीगढ़ भेजने के आदेश पारित किये गए थे।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, पुत्र विक्रमादित्य, पुत्री अपराजिता कुमारी, चुनी लाल चौहान प्रोप्राइटर, आनंद चौहान केयर टेकर ने इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला के पारित इस आदेश को चुनौती दी है। कमिश्नर की ओर से पारित आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के बीच निजी संबंध है, इसलिए इनके इनकम टैक्स मामलों को चंडीगढ़ भेजा जाए, ताकि इनकी संयुक्त रूप से जांच की जाए।

2009-2012 तक रिटर्न में अनियमितताएं

income tax case against cm virbhadra singh.

मुख्यमंत्री की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया है कि इन मामलों कि संयुक्त जांच शिमला में भी की जा सकती है। कमिश्नर द्वारा पारित आदेश केवल प्रार्थियों को परेशान करने वाला है।

इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला ने अपने आदेश में कहा है कि प्रार्थियों की आय नाटकीय तरीके से बढ़ी है। वर्ष 2009 से 2012 तक दायर की गई रिटर्न में भी अनियमितताएं पाई गई हैं। इनमें मुख्यतौर पर वकामुल्ला चंद्रशेखर से लिया गया ऋण और बीमा कंपनी में निवेश शामिल है।

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