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Shimla News: बीएड की फीस में की वृद्धि वापस ले सरकार

Tue, 16 Apr 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2024 11:59 PM IST
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in B.Ed fees
Government should withdraw the increase
एसएफआई का प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम
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बोले, गरीबों से शिक्षा का हक छीन रही हैं केंद्र और प्रदेश सरकारें

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की राज्य कमेटी ने बीएड की फीस बढ़ाने का विरोध किया है।
एसएफआई के मुताबिक नए शैक्षणिक सत्र में बीएड बैच की फीस में एकमुश्त 20 हजार रुपये की वृद्धि कर दी है। यह गरीब परिवारों के बच्चों के साथ धोखा है। उन्होंने फीस बढ़ाने के इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण और गरीब छात्र-छात्राओं, अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला करार दिया है। राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और सचिव दिनित देंटा ने कहा कि प्रदेश सरकारें लगातार निजी बीएड कॉलेज प्रबंधकों के दबाव में आकर फीस बढ़ाती जा रही हैं। मौजूदा सरकार भी इन शिक्षा के कारोबारियों के दबाव में आकर छात्रों पर बीस हजार का अतिरिक्त फीस का बोझ डाल रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जिसको केंद्र और प्रदेश की सरकारें थोपने का प्रयास कर रही हैं, यह सीधे तौर पर शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की साजिश है। इससे आम गरीब छात्र शिक्षा से वंचित हो जाएगा। एसएफआई के राज्य सचिव दिनित ने कहा कि नए सत्र से बीएड करने वाले छात्रों की फीस में बढ़ोतरी हो रही है। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी ने अपने से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों में नई फीस को लागू करने की अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसकी अधिसूचना 3 फरवरी को उच्च शिक्षा निदेशक से विवि को मिली थी। अधिसूचना के आधार पर ही फीस बढ़ाई दी है। इससे निजी बीएड कॉलेजों में 2024 से 2027 बैच में प्रवेश लेने वाले छात्रों को दो साल के बीएड कोर्स को करने के लिए अतिरिक्त बीस हजार की फीस चुकानी पड़ेगी। राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि फीस बढ़ाने का यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर भारी भरकम फीस बढ़ाकर छात्रों की जेब पर डाका डालने का कार्य किया जा रहा है।
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सरकार के इस छात्र विरोधी फैसले का असर बीएड में नए सत्र में प्रवेश लेने वाले करीब 8000 से ज्यादा छात्रों पर पड़ेगा। यह शिक्षा को निजी हाथों में देने का षड्यंत्र है। उन्होंने सरकार और मंडी विवि को इस निर्णय को वापस लेने और अधिसूचना को रद्द करने की मांग के साथ चेतावनी दी है कि यदि फैसला वापस नहीं लिया तो एसएफआई इस फीस वृद्धि के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन खड़ा करेगी।
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