अभय बने सेना में लेफ्टिनेंट, बधाइयां देने वालो का लगा तांता
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बडसाला के अभय कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। अभय ने शनिवार को आईएमए देहरादून में सादे समारोह के साथ हुई पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। उन्हें अब इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्ति मिली है। अभय के परिवार को बधाइयां देने वालों का तांता लग गया है। इनके पिता दिनेश कुमार आर्मी पब्लिक स्कूल ब्यास में अध्यापक हैं। माता मीना कुमारी गृहिणी हैं।
दादा सोमनाथ बांका सरकारी नौकरी से रिटायर होकर गांव बडसाला में ही कृषि कार्य में व्यस्त हैं। कृषि कार्य में दादी शीला देवी भी उनका साथ देती हैं। अभय कुमार ने बीबीएस व्यास से जमा दो की परीक्षा पास कर जून 2016 में एमबीए पुणे से ट्रेनिंग ली। अभय बांका को शुरू से ही पेंटिंग, स्विमिंग तथा घुड़सवारी का शौक है। उनके पिता ने बताया कि वह हमेशा ही आर्मी ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहता था। अभय ने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों, माता-पिता, दादा-दादी और चाचा-चाची को दिया है।
नोसैना में सब लेफ्टिनेंट बने पालमपुर के शाश्वत
पालमपुर का एक और बेटा भारतीय नौसेना में अधिकारी बना है। पालमपुर के शाश्वत सूद भारतीय नोसैना में सब लेफ्टिनेंट बने हैं। इससे परिवार और इलाके में खुशी की लहर है। शाश्वत ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल पालमपुर में की है। चंडीगढ़ के एलेन इंस्टीट्यूट से जमा दो की। उसके बाद जुलाई 2016 में एनडीए की परीक्षा पास कर खड़कवासला, पुणे और केरल में चार वर्ष तक ट्रेनिंग ली। अब शनिवार को केरल में हुई साधारण पासिंगआउट परेड में शाश्वत को भारतीय नौसेना में बतौर सब लेफ्टिनेंट नियुक्ति मिली।
वह पहली भारतीय नोसैना के मुख्यालय कोच्चि (केरल) में सेवाएं देंगे। कोरोना वायरस के चलते शाश्वत के परिजन पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके। शाश्वत के पिता इंजीनियर अशोक सूद कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से अधिशासी अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता नीलम सूद पंजाब नेशनल बैंक पालमपुर में अधिकारी हैं। शाश्वत की दो बहनें इंजीनियरिंग कर बड़ी कंपनियों में सेवाएं दे रही हैं। शाश्वत ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और गुरुजनों को दिया है।
धारटीधार के नवदीप नौसेना में बने सब लेफ्टिनेंट
कोरोना संकट के बीच केरल के इजीमाला में हुई पासिंग आउट परेड में धारटीधार के एक युवक ने नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव धारटीधार के भांबी-भनोत में खुशी का माहौल है। उनके माता-पिता भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। भांबी भनोत गांव के नवदीप तोमर के परिवार का इतिहास भी सेना से संबंधित रहा है। नवदीप के पिता रघुनाथ सिंह तोमर सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
परदादा स्वर्गीय बलिराम भी ब्रिटिश आर्मी में 1949 में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इनकी माता सीता तोमर गृहिणी है। हालांकि, कोरोना संकट के बीच माता-पिता बेटे की पासिंग आउट समारोह में हिस्सा नहीं ले सके। उन्हें इस बात का गर्व है कि उनका बेटा नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बना है। नवदीप की बहन एकता तोमर ने बताया कि नवदीप ने नॉन मेडिकल से जमा दो परीक्षा आर्मी स्कूल अंबाला कैंट से पास की। इसके बाद मेकेनिकल इंजीनियर में वीआईटी चेन्नई से 2019 में बीटेक की डिग्री भी हासिल की है।