टेस्ट फ्री, फिर कौन कर रहा है अवैध वसूली?
हिमाचल में महिला के सबसे बड़े कमला नेहरू अस्पताल में जांच के नाम पर गर्भवती महिलाओं से मुफ्त टेस्ट की वसूली की जा रही है। महिलाओं को जो फ्री टेस्ट की सुविधा काफी पहले मिल गई थी अस्पताल में उसे आज तक लागू नहीं किया गया।
मजबूरन महिला मरीजों को अपने पैसों से टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। यह सबकुछ प्रशासन की नाक तले किया जा रहा है। 27 दिसंबर 2013 को राज्य सरकार और एसआरएल कंपनी के बीच एमओयू साइन हुआ था। इसके अनुसार कंपनी को लैब में आने वाली गर्भवती महिलाओं सहित बीपीएल मरीजों के टेस्ट मुफ्त करने थे।
इसके एवज में कंपनी को सरकार भुगतान करेगी। एमओयू के बाद कंपनी ने एक फरवरी को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) और 3 मार्च को कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में लैब स्थापित की।
डीडीयू में मिल रही है सुविधा
डीडीयू में ताे पहले ही दिन से गर्भवती महिलाओं के मुफ्त टेस्ट शुरू हो गए। लेकिन केएनएच में 3 से 23 मार्च तक गर्भवती महिलाओं से हर टेस्ट की वसूली की गई, जो एमओयू के खिलाफ है।
महिला मरीजों से टेस्ट के अनुसार आए दिन 100 से लेकर 500 रुपए तक पैसे लिए जा रहे हैं। 21 दिन तक महिलाओं के मुफ्त टेस्ट में हुए खेल पर अब कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा। अस्पताल प्रबंधन 24 मार्च से मुफ्त टेस्ट की बात तो कह रहा है लेकिन पिछला हिसाब देने में हिचकिचा रहा है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पहले इस एमओयू को लेकर बातचीत स्पष्ट नहीं थी लेकिन अब इस सुविधा को लागू कर दिया है। अब किसी मरीज से टेस्ट के पैसे नहीं लिए जाएंगे।
उधर, डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. पीएल गोंटा ने बताया कि राज्य सरकार और एसआरएल के बीच जो एमओयू हुआ, उसी आधार पर निशुल्क टेस्ट चिह्नित किए गए मरीजों को दिए जा रहे हैं।