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Shimla News: नशा तस्करों की लग्जरी गाड़ियों और सोने के गहनों समेत 70 लाख की अवैध संपत्ति फ्रीज
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शिमला। जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में करीब 70 लाख रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति फ्रीज की हैं। इसमें लग्जरी गाड़ियां, आभूषण और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहला मामला 11 फरवरी 2025 का है।
डिटेक्शन सेल रामपुर ने सूचना के आधार पर किन्नौर निवासी साहिल के कब्जे से करीब 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। पुलिस थाना रामपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने ड्रग सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए पांच अन्य आरोपियों गोविंद सिंह, राकेश कुमार, मनमोहन सिंह, दीपक और राकेश को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत कार्रवाई की गई। नशा तस्करी पर प्रहार करने के लिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वित्तीय जांच शुरू की। इसमें तीन आरोपियों की करीब 32 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला। इसमें लग्जरी वाहन, 44.1 ग्राम सोना और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। पुलिस इन्हें कानून के अनुसार फ्रीज कर दिया गया। दूसरा मामला आदतन आरोपी चेतन चौहान से जुड़ा है जिसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने उसके खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 25 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में वह जिला उपकारागार कैथू में बंद है। चेतन चौहान की वित्तीय जांच में करीब 38 लाख रुपये की अवैध संपत्ति सामने आई हैं। इसमें एक ट्रक, एक कार, 74 ग्राम सोना, बैंक खाते और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। इन सभी को भी फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था जबकि पिछले लगभग छह वर्षों में उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से करोड़ों की संपत्तियां बनाई थीं। जिला पुलिस ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में वित्तीय जांच के आधार पर चार मामलों में छह आरोपियों की करीब 1.83 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं।
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पुलिस ने कहा कि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से भविष्य में भी वित्तीय जांच और अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसका मकसद युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना और कड़ा संदेश देना है कि नशे से अर्जित संपत्तियों पर भी पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।
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पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करी के मामलों की वित्तीय जांच में आरोपियों की नशे से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित करके फ्रीज किया गया है। इसमें लग्जरी वाहनों के साथ ही सोने के आभूषण भी शामिल हैं। भविष्य में भी पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।
मेहर पंवार, एसपी सिटी, शिमला
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डिटेक्शन सेल रामपुर ने सूचना के आधार पर किन्नौर निवासी साहिल के कब्जे से करीब 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। पुलिस थाना रामपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने ड्रग सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए पांच अन्य आरोपियों गोविंद सिंह, राकेश कुमार, मनमोहन सिंह, दीपक और राकेश को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत कार्रवाई की गई। नशा तस्करी पर प्रहार करने के लिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वित्तीय जांच शुरू की। इसमें तीन आरोपियों की करीब 32 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला। इसमें लग्जरी वाहन, 44.1 ग्राम सोना और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। पुलिस इन्हें कानून के अनुसार फ्रीज कर दिया गया। दूसरा मामला आदतन आरोपी चेतन चौहान से जुड़ा है जिसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं।
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पुलिस ने उसके खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 25 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में वह जिला उपकारागार कैथू में बंद है। चेतन चौहान की वित्तीय जांच में करीब 38 लाख रुपये की अवैध संपत्ति सामने आई हैं। इसमें एक ट्रक, एक कार, 74 ग्राम सोना, बैंक खाते और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। इन सभी को भी फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था जबकि पिछले लगभग छह वर्षों में उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से करोड़ों की संपत्तियां बनाई थीं। जिला पुलिस ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में वित्तीय जांच के आधार पर चार मामलों में छह आरोपियों की करीब 1.83 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं।
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पुलिस ने कहा कि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से भविष्य में भी वित्तीय जांच और अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसका मकसद युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना और कड़ा संदेश देना है कि नशे से अर्जित संपत्तियों पर भी पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करी के मामलों की वित्तीय जांच में आरोपियों की नशे से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित करके फ्रीज किया गया है। इसमें लग्जरी वाहनों के साथ ही सोने के आभूषण भी शामिल हैं। भविष्य में भी पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।
मेहर पंवार, एसपी सिटी, शिमला