{"_id":"615f24128ebc3e93ed007cff","slug":"igmc-send-demand-of-normanl-seline-shimla-news-sml386474754","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीएमसी ने मंगवाए 60 हजार नॉर्मल सेलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीएमसी ने मंगवाए 60 हजार नॉर्मल सेलाइन
विज्ञापन
IGMC send demand of normanl seline
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेलाइन खत्म होने से मरीज थे परेशान, दो दिन के भीतर सप्लाई पहुंचने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब मरीजों को नार्मल सेलाइन बाजारों से नहीं खरीदना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने साठ हजार नॉर्मल सेलाइन खरीदने का आर्डर दे दिया है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दो दिन के भीतर सप्लाई अस्पताल में पहुंच जाएगी। आईजीएमसी में नॉर्मल सेलाइन की सप्लाई वार्डों में खत्म होने से मरीजों को बाजारों से तीस से चालीस रुपये में यह खरीदना पड़ रहा था। अस्पताल में दाखिल होने के बाद मरीजों को यह मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाता है। लेकिन अधिकांश मरीजों को महंगी दरों पर इसकी खरीददारी करनी पड़ रही थी। आईजीएमसी में प्रदेशभर से इलाज के लिए मरीज आते हैं। अमर उजाला ने छह तारीख के अंक में आईजीएमसी में न गेस्ट्रिक की दवा और न ही नार्मल सेलाइन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रबंधन हरकत में आया और सप्लाई आर्डर दे दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब मरीजों को नार्मल सेलाइन बाजारों से नहीं खरीदना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने साठ हजार नॉर्मल सेलाइन खरीदने का आर्डर दे दिया है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दो दिन के भीतर सप्लाई अस्पताल में पहुंच जाएगी। आईजीएमसी में नॉर्मल सेलाइन की सप्लाई वार्डों में खत्म होने से मरीजों को बाजारों से तीस से चालीस रुपये में यह खरीदना पड़ रहा था। अस्पताल में दाखिल होने के बाद मरीजों को यह मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाता है। लेकिन अधिकांश मरीजों को महंगी दरों पर इसकी खरीददारी करनी पड़ रही थी। आईजीएमसी में प्रदेशभर से इलाज के लिए मरीज आते हैं। अमर उजाला ने छह तारीख के अंक में आईजीएमसी में न गेस्ट्रिक की दवा और न ही नार्मल सेलाइन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रबंधन हरकत में आया और सप्लाई आर्डर दे दिया।
विज्ञापन