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अपने ही डॉक्टर को नहीं बचा पाया अस्पताल, स्वाइन फ्लू से मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 04 Jul 2017 09:44 AM IST
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रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरजी सूद
- फोटो : File Photo
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हिमाचल के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरजी सूद की ही स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। वे पिछले 11 दिनों से आईजीएमसी में भर्ती थे। उन्हें आईसीयू में रखा गया था। रविवार दोपहर करीब एक बजे उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
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दोपहर तीन बजे सोलन के बड़ोग के पास बीच रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने इसकी पुष्टि की है। कांगड़ा के निवासी रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरजी सूद का पिछले कुछ दिनों से बुखार नहीं टूट रहा था।
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11 दिन पहले मेडिकल टेस्ट में उन्हें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। उसी दिन से वे आईजीएमसी में भर्ती थे। डॉक्टर लगातार निगरानी रखे हुए थे, लेकिन उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक इनकी हालत काफी गंभीर थी।
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स्वाइन फ्लू से इस साल की छठी मौत
शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस साल स्वाइन फ्लू से छठी मौत हुई है। स्वास्थ्य निदेशालय के अनुसार 29 जून तक दो कांगड़ा, एक शिमला और एक सिरमौर निवासी की मौत हुई है। इस अवधि तक कुल 233 लोगों के स्वाइन फ्लू के टेस्ट किए गए।
इनमें 28 लोगों को रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। शनिवार को आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से पीडि़त पंजाब के एक सैलानी की भी हिमाचल में मौत हो चुकी है।