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आईजीएमसी से डेपुटेशन पर भेजे डॉक्टर बुलाए
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आईजीएमसी में इलाज के लिए मरीजों को नहीं पड़ेगा भटकना
नाहन और चंबा भेजे 22 डॉक्टर वापस बुलाए
एमसीआई के निरीक्षण के चलते भेजे थे चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब मरीजों को उपचार के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। डेपुटेशन पर आईजीएमसी से नाहन तथा चंबा भेजे गए 22 डॉक्टर वापस बुला लिए हैं। यह चिकित्सक शुक्रवार से कार्यभार संभाल लेंगे। डॉक्टरों के लौटने के बाद प्रदेशभर से इलाज करवाने आईजीएमसी आने वाले मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। ओपीडी और ऑपरेशन के लिए भी लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में बीते माह एमबीबीएस की परीक्षाएं चल रही थीं। इस बीच एमसीआई की टीम ने इन मेडिकल कॉलेजों में निरीक्षण करना था। ऐसे में आईजीएमसी और टांडा से नाहन तथा चंबा मेडिकल कॉलेज में 34 डॉक्टरों को डेपुटेशन पर भेजा था। इनमें सबसे अधिक आईजीएमसी के 22 डॉक्टर भेजे गए थे। इससे अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। ओपीडी और और ओटी में वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीज परेशान थे। अब सरकार ने डॉक्टर वापस बुला लिए हैं।
नाहन और चंबा भेजे थे डॉक्टर : डॉ. पठानिया
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि आईजीएमसी और टांडा से करीब 34 डॉक्टर नाहन और चंबा भेजे थे। इन सभी डॉक्टरों को वापस अपने स्टेशन पर बुला लिया है।
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नाहन और चंबा भेजे 22 डॉक्टर वापस बुलाए
एमसीआई के निरीक्षण के चलते भेजे थे चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब मरीजों को उपचार के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। डेपुटेशन पर आईजीएमसी से नाहन तथा चंबा भेजे गए 22 डॉक्टर वापस बुला लिए हैं। यह चिकित्सक शुक्रवार से कार्यभार संभाल लेंगे। डॉक्टरों के लौटने के बाद प्रदेशभर से इलाज करवाने आईजीएमसी आने वाले मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। ओपीडी और ऑपरेशन के लिए भी लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में बीते माह एमबीबीएस की परीक्षाएं चल रही थीं। इस बीच एमसीआई की टीम ने इन मेडिकल कॉलेजों में निरीक्षण करना था। ऐसे में आईजीएमसी और टांडा से नाहन तथा चंबा मेडिकल कॉलेज में 34 डॉक्टरों को डेपुटेशन पर भेजा था। इनमें सबसे अधिक आईजीएमसी के 22 डॉक्टर भेजे गए थे। इससे अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। ओपीडी और और ओटी में वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीज परेशान थे। अब सरकार ने डॉक्टर वापस बुला लिए हैं।
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नाहन और चंबा भेजे थे डॉक्टर : डॉ. पठानिया
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि आईजीएमसी और टांडा से करीब 34 डॉक्टर नाहन और चंबा भेजे थे। इन सभी डॉक्टरों को वापस अपने स्टेशन पर बुला लिया है।
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