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आईजीएमसी : सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, डॉक्टरों को मिलेंगे ड्यूटी रूम
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मांगों को लेकर अस्पताल प्रबंधन को आरडीए सौंपेगा लिस्ट, पुख्ता होंगे सुरक्षा के इंतजाम
ड्यूटी रूम में बेड के साथ फर्नीचर भी लगेंगे
150 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर 24 घंटे सातों दिन 36-36 घंटे देते हैं सेवाएं
सुमित ठाकुर
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम उपलब्ध करवाए जाएंगे। वहीं अस्पताल में संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
इससे अगर कोई किसी मारपीट या अन्य घटनाओं को अंजाम देता है तो उसे मौके पर पकड़ा जाए। इसके अलावा अस्पताल के डॉक्टर समेत दूसरे कर्मचारी सुरक्षित रहें इसके लिए अस्पताल प्रशासन कुशल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती करेगा। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की।
पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला प्रशिक्षु के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद डॉक्टर भड़के हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में जैसी घटना घटी है उससे सबक लेना चाहिए। बताया जा रहा है कि आईजीएमसी रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रबंधन के साथ बैठक की है। इसमें आरडीए ने रेडियोलॉजी समेत दूसरे विभागों में ड्यूटी रूम न होने की बात कही है। डॉक्टर अस्पताल में 36-36 घंटे सेवाएं देते हैं। ऐसे में उन्हें आराम करने के लिए ड्यूटी रूम की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर कुशल कर्मी तैनात नहीं हैं। यही वजह है कि अब आरडीए की ओर से एक लिस्ट प्रबंधन को सौंपी जाएगी। इसमें वह मुख्य मांगों को इंगित करेगा।
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बताया जा रहा है कि ड्यूटी रूम की व्यवस्था के अलावा बेड और फर्नीचर भी लगाया जाएगा। इससे डॉक्टरों को किसी तरह की परेशानी न आए। बता दें कि आईजीएमसी और केएनएच समेत 150 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटियां देते हैं। वे अस्पताल में रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रबंधन जल्द पूरा करने का दावा कर रहा है।
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ड्यूटी रूम में बेड के साथ फर्नीचर भी लगेंगे
150 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर 24 घंटे सातों दिन 36-36 घंटे देते हैं सेवाएं
सुमित ठाकुर
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम उपलब्ध करवाए जाएंगे। वहीं अस्पताल में संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
इससे अगर कोई किसी मारपीट या अन्य घटनाओं को अंजाम देता है तो उसे मौके पर पकड़ा जाए। इसके अलावा अस्पताल के डॉक्टर समेत दूसरे कर्मचारी सुरक्षित रहें इसके लिए अस्पताल प्रशासन कुशल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती करेगा। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की।
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पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला प्रशिक्षु के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद डॉक्टर भड़के हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में जैसी घटना घटी है उससे सबक लेना चाहिए। बताया जा रहा है कि आईजीएमसी रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रबंधन के साथ बैठक की है। इसमें आरडीए ने रेडियोलॉजी समेत दूसरे विभागों में ड्यूटी रूम न होने की बात कही है। डॉक्टर अस्पताल में 36-36 घंटे सेवाएं देते हैं। ऐसे में उन्हें आराम करने के लिए ड्यूटी रूम की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर कुशल कर्मी तैनात नहीं हैं। यही वजह है कि अब आरडीए की ओर से एक लिस्ट प्रबंधन को सौंपी जाएगी। इसमें वह मुख्य मांगों को इंगित करेगा।
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बताया जा रहा है कि ड्यूटी रूम की व्यवस्था के अलावा बेड और फर्नीचर भी लगाया जाएगा। इससे डॉक्टरों को किसी तरह की परेशानी न आए। बता दें कि आईजीएमसी और केएनएच समेत 150 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटियां देते हैं। वे अस्पताल में रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रबंधन जल्द पूरा करने का दावा कर रहा है।