फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   IGMC becomes organ retrieval centre, organ donation will increase

Shimla News: आईजीएमसी बन गया ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर, अंगदान बढ़ेगा

Tue, 30 Apr 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
IGMC becomes organ retrieval centre, organ donation will increase
ब्रेन स्टेम डेथ पर कार्यशाला का आयोजन
विज्ञापन

न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर ने दी अंगदान की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर बन गया है। इससे अब अंग प्रत्यारोपण में आसानी होगी। आईजीएमसी की न्यू ओपीडी में मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी दी गई।

आईजीएमसी की न्यू ओपीडी में दोपहर बाद सोटो ने ब्रेन स्टेम डेथ को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया। न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि ब्रेन स्टेम मृत्यु तब होती है जब ब्रेन स्टेम (मस्तिष्क का एक हिस्सा) काम करना बंद कर देता है। कहा कि ब्रेन स्टेम काम करना बंद कर दे तो व्यक्ति कभी भी सचेत नहीं हो पाएगा। इसके अलावा बिना मशीन (वेंटिलेटर) के सांस नहीं ले पाएगा। न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रवि डोगरा ने आईसीयू और एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) में ब्रेन स्टेम डेथ मरीज की केयर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में क्रिटिकल केयर स्टाफ की ड्यूटी अधिक बढ़ जाती है। इस दौरान ख्याल रखा जाता है कि आईसीयू में संक्रमण न हो। ब्रेन डेड मरीज अधिक विशेष होता है और अंगदान करने के योग्य होता है। सोटो के नोडल अधिकारी डॉ. पुनीत महाजन ने अस्पताल में दाखिल संभावित ब्रेन डेड मरीजों को चिह्नित करने को लेकर सहयोग की मांग की। कहा कि पीजीआई चंडीगढ़ में अंगदान करने वालों में से अधिकतर लोग हिमाचल के होते हैं। आईजीएमसी और टांडा अब ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर बन गया है इसलिए अब यह सुविधा आईजीएमसी में भी दी जा सकती है। इस मौके पर सोटो के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. शोमिन धीमान, श्वास रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मलय सरकार, मेडिसिन आईसीयू के इंचार्ज डॉ. सतीश, न्यूरोसर्जरी विभाग अध्यक्ष डॉ. ज्ञान, डॉ. विनीत, डॉ. दिग्विजय और ग्रीफ काउंसलर डॉ. सारिका मौजूद रहीं।
विज्ञापन



नेत्रदान सिर्फ 35 लोगों ने किया
आईजीएमसी के नेत्ररोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. रामलाल ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में 35 लोगों ने ही नेत्रदान किया है। कहा कि नेत्रदान को लेकर विभिन्न भ्रांतियां होने से यह कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। जागरूकता कार्यक्रम के जरिये ही इन भ्रांतियों को खत्म किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article