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ऐसा क्या कि अपनी संपत्ति बताने से डर रहे आईएएस !
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 02 Feb 2015 02:54 PM IST
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भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के हिमाचल काडर के अफसर अपनी संपत्ति का ब्योरा देने से कतरा रहे हैं। 31 जनवरी को रिकॉर्ड जमा करने की अंतिम समय सीमा खत्म हो गई, लेकिन राज्य के 74 अफसरों की ओर से किसी प्रकार की सूचना सरकार को नहीं दी गई है।
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हालांकि मुख्य सचिव पी मित्रा और प्रधान सचिव कार्मिक एसकेबीएस नेगी सहित 34 अफसरों ने अपना रिकॉर्ड जमा करवा दिया है।
लोकपाल एंड लोकायुक्त अधिनियम के तहत प्रदेश के सभी आईएएस अफसरों को 31 जनवरी 2015 तक अपनी संपत्ति का ब्योरा कार्मिक विभाग के पास जमा कराना था, लेकिन ऐसा कराने वालों में महज 34 आईएएस ही शामिल हुए।
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74 अफसरों ने प्रदेश सरकार के आदेशों की सीधे तौर पर अवहेलना की है। उनकी ओर से रिकॉर्ड जमा नहीं कराया गया है। यह तब है जबकि केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की ओर से यह निर्देश जारी किया गया था।
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रिकॉर्ड जमा न कराने वालों में टॉप से बॉटम तक के आईएएस अफसर शामिल हैं। प्रदेश सरकार को 28 फरवरी तक सभी आईएएस के प्रॉपर्टी के ब्योरा को सार्वजनिक करना है ताकि इससे पता लगना आसान हो जाए कि किस अफसर ने किस तेजी से प्रॉपर्टी बनाई है।