रूट पर दौड़ने से पहले हादसे का शिकार हो गई टेंपो ट्रेवलर
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जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के लिए मिली एक नई टेंपो ट्रेवलर हादसे का शिकार हो गई। इसे मंडी से केलांग ले जाया जा रहा था। हैरानी इस बात की है कि इस बस को संबंधित कंपनी की ओर से लाहौल पहुंचाया जाना था। आरोप हैं कि अफसरों की मनमर्जी के चलते बस को एचआरटीसी के एक चालक के हवाले कर दिया गया और बस दालंग के पास सड़क में पलट गई।
बस क्षतिग्रस्त हो गई है। परिवहन कर्मचारी महासंघ इंटक ने सरकार और परिवहन मंत्री से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। कर्मचारी महासंघ इंटक ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने केलांग डिपो को प्रदान की गई चार नई टेंपो ट्रेवलर में से एक के दुर्घटनाग्रस्त होने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संगठन ने कहा कि जब ये गाड़ियां कंपनी की ओर से केलांग ले जानी थी तो किसके कहने पर बस को मंडी से भेज दिया गया। वो कौन अधिकारी हैं, जिन्होंने घर से चालकों को बुलाकर बसों को कंपनी के बजाय खुद केलांग भेज दिया।
संगठन के प्रधान उमेश शर्मा, वरिष्ठ उप-प्रधान गौरी लाल भारती, मंडी मंडल के प्रभारी टेक चंद कटोच ने परिवहन मंत्री से इस मामले की जांच निगम के बजाय किसी अन्य उच्च अधिकारी से करवाने की मांग की है। बस को हुए नुकसान की भरपाई भी उन अधिकारियों और कर्मचारियों से की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर परिवहन निगम के कुछ अधिकारी लीपापोती लगे हैं।
मंडी मंडल के प्रभारी टेक चंद कटोच ने बताया कि इस मामले पर 20 सितंबर को सरकाघाट में होने वाली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा करआगामी रणनीति बनाई जाएगी। उधर, एचआरटीसी के डीएम अमरनाथ सलारिया ने बताया कि मामले को लेकर केलांग डिपो के आरएम से रिपोर्ट मांगी है।