HRTC ने बस से उतार दिए दृष्टि दोष वाले ड्राइवर
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परिवहन निगम में दृष्टि दोष वाले 80 चालकों की बसों में सेवाएं नहीं ली जाएंगी। निगम प्रबंधन ने ऐसे चालकों को बसों से उतारने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिन चालकों की आंखों में मोतियाबिंद है, उन्हें भी ऑपरेशन करने की सलाह दी है।
इन दृष्टि दोष वाले चालकों की सेवाएं अब दफ्तर, वर्कशॉप या फिर अफसरों की छोटी गाड़ियां चलाने में ली जाएंगी। हिमाचल में चालकों की गलती से कोई बस हादसा न हो, इसके चलते निगम ने यह फैसला लिया है।
‘अमर उजाला’ ने 20 जनवरी को एचआरटीसी के 80 ड्राइवरों को दृष्टि दोष, फिर भी चला रहे बसें, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। अब परिवहन निगम ने दृष्टि दोष वाले चालकों को बसों से उतारने का फैसला लिया है।
अब हर महीने होगी चालक-परिचालकों की स्वास्थ्य जांच
यही नहीं, परिवहन निगम अब हर महीने चालकों और परिचालकों की स्वास्थ्य जांच करेगा। इसके लिए आरटीओ स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इनमें ईएनटी के अलावा ऑर्थो के डॉक्टर बुलाए जाएंगे, ताकि चालकों की आंखों की जांच के साथ-साथ कान और टांगों की जांच की जा सके।
निगम ने रोड सेफ्टी के तहत 1000 चालकों के आंखों की जांच कराई थी। इसमें 80 चालकों की आंखें खराब पाई गईं। वर्तमान परिवहन निगम में 7 हजार के करीब चालक हैं। इन सबकी जांच किए जाने से खराब आंखों वाले चालकों का ग्राफ बढ़ सकता है।
एचआरटीसी प्रबंध निदेशक अशोक तिवारी का कहना है कि रोड सेफ्टी के तहत जिन चालकों की आंखों खराब पाई गई हैं, उन्हें बसों से उतारने के आदेश जारी कर दिए हैं। इन चालकों की सेवाएं दफ्तरों और वर्कशॉप में ली जाएंगी। हर महीने चालकों के स्वास्थ्य की जांच होगी।