{"_id":"6677b374f6f81da54002ad93","slug":"hrtc-news-it-takes-five-minutes-to-issue-tickets-from-ticketing-machines-in-shimla-2024-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"HRTC News: शिमला में टिकटिंग मशीनों से टिकट काटने में लग रहे 5 मिनट, सर्वर की वजह से यात्रियों को रही परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HRTC News: शिमला में टिकटिंग मशीनों से टिकट काटने में लग रहे 5 मिनट, सर्वर की वजह से यात्रियों को रही परेशानी
Sun, 23 Jun 2024 11:03 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 23 Jun 2024 11:03 AM IST
सार
राजधानी शिमला में एचआरटीसी के कंडक्टरों को यात्रियों की सुविधा के लिए दी गई इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें परेशानी का सबब बन गई हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं शहर में भी टिकटिंग मशीनों में कनेक्टिविटी की दिक्कत आ रही है। कंडक्टरों के मुताबिक कई बार यूपीआई और एटीएम कार्ड से किराये की अदायगी करने पर पांच मिनट तक का समय लग जाता है। ऐसे में छोटे रूट पर टिकट काटने में उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यात्रियों को भी परेशानी से जूझना पड़ रह है।
विज्ञापन
शिमला बस स्टैंड और न्यू शिमला में करीब 140 बसें चलती हैं। इसमें ज्यादातर शहर में चलने वाली बसें शामिल हैं, लेकिन इसके अलावा सुन्नी, खटनोल और सोलन तक बसों का संचालन चलाया जाता है। शहर में कई रूट ऐसे भी हैं, जिनका एक तरफ के रूट का समय महज 25 मिनट का है। ऐसे में यूपीआई और एटीएम कार्ड से किराये की अदायगी पर टिकट काटने में अधिक समय लग रहा है।
विज्ञापन
नाम न बताने की शर्त पर एक कंडक्टर ने बताया कि नई टिकटिंग मशीनों में आईकार्ड और विकलांग कोटे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए ऑप्शन ही नहीं है। इन समस्याओं को लेकर शहर में सेवाएं दे रहे कंडक्टर कुछ समय पहले डीएम एचआरटीसी को भी अवगत करवा चुके हैं।
विज्ञापन
बैटरी बैकअप कम होने से भी दिक्कत
कंडक्टरों के मुताबिक नई टिकटिंग मशीनों का बैटरी बैकअप भी कम है। एक बार चार्ज करने के लिए इसे करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है। तीन से चार घंटे के बाद इन्हें दोबारा चार्जिंग पर लगाना पड़ता है। इसके अलावा टिकट काटने की प्रक्रिया भी लंबी है। इस कारण सुन्नी और खटनोल जैसे रूटों पर उन्हें मैनुअल ही टिकट काटने पड़ते हैं। एचआरटीसी के डीएम पवन शर्मा ने बताया कि सर्वर से कनेक्टिवटी की दिक्कत के कारण खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह दिक्कत आ सकती है।