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एचआरटीसी कर्मचारी नेता शंकर सिंह आरोप मुक्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 05 Oct 2018 09:10 AM IST
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हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के कर्मचारी नेता शंकर सिंह के खिलाफ अवमानना मामले को बंद करते हुए उन्हें आरोप मुक्त करने के आदेश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने शंकर सिंह के खिलाफ स्वत: लिए संज्ञान वाली अवमानना याचिका को बंद करने के आदेश पारित किए। कोर्ट ने वर्ष 2016 में कोर्ट के स्टे आर्डर के बावजूद हड़ताल पर जाने वाले लगभग 166 हड़ताली एचआरटीसी कर्मचारियों पर अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी।
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कर्मचारियों पर आरोप था कि इन्होंने रोक के बावजूद 14 जून को हड़ताल की। कोर्ट ने एचआरटीसी कर्मचारी व संयुक्त समन्वयन समिति के तत्कालीन अध्यक्ष पवन गुलेरिया, उपाध्यक्ष यशपाल सुल्तानपुरी, सचिव नीलकमल गुप्ता, प्रवक्ता पृथ्वी राज कैथ, कोषाध्यक्ष ब्रिज लाल शर्मा व कार्यकारी सदस्य हरदयाल सिंह सहित 166 कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवमानना का दोषी पाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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हाईकोर्ट ने एक आदेश पारित कर 14 जून 2016 को एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कोई भी कानून कर्मचारियों को अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल पर जाने की इजाजत नहीं देता। शंकर सिंह का कहना था कि उन्हें कोर्ट के आदेशों की प्रति व नोटिस नहीं दिया गया, जिसमें हड़ताल पर जाने से रोक लगाई गई थी। इस कारण वह मांगों को लेकर पहले से प्रस्तावित हड़ताल पर चले गए थे।
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