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Shimla News: एआई पर स्कूली बच्चों की बढ़ती निर्भरता पर शोध करेगा एचपीयू
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पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के लिए शोध परियोजना मंजूर, विद्यार्थियों की लेखन क्षमता पर भी होगा अध्ययन
सामाजिक व्यवहार पर पड़े प्रभाव का भी होगा आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। होमवर्क तैयार करने से लेकर प्रोजेक्ट बनाने, सवालों के जवाब खोजने और यहां तक परीक्षा की तैयारी में छात्र अब एआई आधारित प्लेटफॉर्म का सहारा लेने लगे हैं।
इस बदलते शैक्षणिक माहौल पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग एक विस्तृत शोध अध्ययन शुरू करने जा रहा है। विश्वविद्यालय को पीएम-उषा के मेरू घटक के तहत एआई यूसेज एंड डिपेंडेंस अमंग स्कूल स्टूडेंट्स : ए शिमला-बेस्ड स्टडी परियोजना स्वीकृत हुई है। इस अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि शिमला जिले में स्कूल स्तर पर छात्र एआई का उपयोग किस सीमा तक कर रहे हैं और इसका उनके सीखने के तरीके, रचनात्मकता, लेखन क्षमता तथा सामाजिक व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। कुछ समय से यह बहस तेज हुई है कि एआई तकनीक छात्रों के लिए अवसर ज्यादा पैदा कर रही है या फिर उनकी स्वतंत्र सोच और विश्लेषण क्षमता को प्रभावित कर रही है। कई शिक्षक मानते हैं कि छात्र अब पारंपरिक अध्ययन के बजाय सीधे एआई टूल्स पर निर्भर होते जा रहे हैं। दूसरी ओर तकनीक समर्थक इसे सीखने की नई दिशा मान रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का यह अध्ययन राज्य में स्कूल शिक्षा और डिजिटल तकनीक के बदलते संबंधों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोट
पत्रिकारिता विभाग के अध्यक्ष विकास डोगरा ने बताया कि परियोजना नौ माह तक चलेगी और इसके तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों से जानकारी जुटाई जाएगी। अध्ययन के निष्कर्ष भविष्य में शिक्षा नीति, डिजिटल लर्निंग और छात्रों के तकनीकी उपयोग को लेकर दिशा तय करने में भी मददगार हो सकते हैं।
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रिसर्च असिस्टेंट की भर्ती के इंटरव्यू 13 को
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने शोध परियोजना के लिए एक रिसर्च असिस्टेंट पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी और केवल परियोजना अवधि तक मान्य रहेगी। इसके लिए वॉक-इन-इंटरव्यू 13 मई को सुबह 10 बजे विभागाध्यक्ष कार्यालय में होंगे। अभ्यर्थियों के पास मानविकी या सामाजिक विज्ञान विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। नेट, एमफिल और पीएचडी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उम्मीदवारों को आवेदन पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, प्रमाणपत्रों की स्वप्रमाणित प्रतियां तथा मूल दस्तावेज साथ लाने होंगे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10:30 बजे के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा तथा किसी प्रकार का टीए-डीए नहीं दिया जाएगा।
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सामाजिक व्यवहार पर पड़े प्रभाव का भी होगा आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। होमवर्क तैयार करने से लेकर प्रोजेक्ट बनाने, सवालों के जवाब खोजने और यहां तक परीक्षा की तैयारी में छात्र अब एआई आधारित प्लेटफॉर्म का सहारा लेने लगे हैं।
इस बदलते शैक्षणिक माहौल पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग एक विस्तृत शोध अध्ययन शुरू करने जा रहा है। विश्वविद्यालय को पीएम-उषा के मेरू घटक के तहत एआई यूसेज एंड डिपेंडेंस अमंग स्कूल स्टूडेंट्स : ए शिमला-बेस्ड स्टडी परियोजना स्वीकृत हुई है। इस अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि शिमला जिले में स्कूल स्तर पर छात्र एआई का उपयोग किस सीमा तक कर रहे हैं और इसका उनके सीखने के तरीके, रचनात्मकता, लेखन क्षमता तथा सामाजिक व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। कुछ समय से यह बहस तेज हुई है कि एआई तकनीक छात्रों के लिए अवसर ज्यादा पैदा कर रही है या फिर उनकी स्वतंत्र सोच और विश्लेषण क्षमता को प्रभावित कर रही है। कई शिक्षक मानते हैं कि छात्र अब पारंपरिक अध्ययन के बजाय सीधे एआई टूल्स पर निर्भर होते जा रहे हैं। दूसरी ओर तकनीक समर्थक इसे सीखने की नई दिशा मान रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का यह अध्ययन राज्य में स्कूल शिक्षा और डिजिटल तकनीक के बदलते संबंधों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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कोट
पत्रिकारिता विभाग के अध्यक्ष विकास डोगरा ने बताया कि परियोजना नौ माह तक चलेगी और इसके तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों से जानकारी जुटाई जाएगी। अध्ययन के निष्कर्ष भविष्य में शिक्षा नीति, डिजिटल लर्निंग और छात्रों के तकनीकी उपयोग को लेकर दिशा तय करने में भी मददगार हो सकते हैं।
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रिसर्च असिस्टेंट की भर्ती के इंटरव्यू 13 को
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने शोध परियोजना के लिए एक रिसर्च असिस्टेंट पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी और केवल परियोजना अवधि तक मान्य रहेगी। इसके लिए वॉक-इन-इंटरव्यू 13 मई को सुबह 10 बजे विभागाध्यक्ष कार्यालय में होंगे। अभ्यर्थियों के पास मानविकी या सामाजिक विज्ञान विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। नेट, एमफिल और पीएचडी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उम्मीदवारों को आवेदन पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, प्रमाणपत्रों की स्वप्रमाणित प्रतियां तथा मूल दस्तावेज साथ लाने होंगे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10:30 बजे के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा तथा किसी प्रकार का टीए-डीए नहीं दिया जाएगा।