HPU EC MEETING DECISIONS: भर्ती, कर्मियों की पदोन्नति को हरी झंडी
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के दर्जनों गैर शिक्षक कर्मचारियों की रिक्त पदों पर भर्ती और पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में दोनों मुद्दों पर सहमति बन गई। बैठक कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता हुई।
इसमें ईसी ने भर्ती एवं पदोन्नति कमेटी की सिफारिशों को हरी झंडी दे दी। अब गैर शिक्षक कर्मियों से जुड़े मुद्दे विश्वविद्यालय की वित्त कमेटी की बैठक में जाएंगे। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे फिर से ईसी में अंतिम मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
बुधवार को आयोजित विवि ईसी की वित्त वर्ष 2018 की पहली बैठक में कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने कई मुद्दों पर चर्चा की। इन मुद्दों में विवि के भूमि स्वामित्व से संबंधित लंबित पड़े मामलों में न्यायपालिका के हस्तक्षेप के बाद विवि हित में लिए गए सभी फैसलों के लिए न्यायपालिका, प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया।
बैठक में इन फैसलों पर भी लगी मुहर
इसमें विवि को बीस बीघा भूमि उपलब्ध करवाई गई है और विवि के सेंटर फार इवनिंग स्टडीज की भूमि को विवि के नाम स्थानांतरित किया जा चुका है। इससे अब विवि के भूमि अपने नाम न होने के कारण लटके मामले सुलझेंगे और नए भवनों का निर्माण भी हो सकेगा।
कुलपति ने बताया कि राज्य सरकार ने रूसा में विवि को बीस करोड़ की राशि स्वीकृत करवाई है। उन्होंने बताया कि यूजीसी से रुकी हुई आठ करोड़ की ग्रांट का रास्ता भी साफ हो गया है।
बैठक में कर्मचारियों में चुनकर पहली बार आए नुमाइंदे बिपिन कुमार ने विवि से संबद्ध कॉलेजों से संबद्धता फीस न लिए जाने के फैसले पर सरकार से अतिरिक्त अनुदान जारी करने की मांग की।
ईसी सदस्य अजय श्रीवास्तव ने विकलांग विद्यार्थियों के लिए विवि में और अधिक सुविधाएं दिए जाने के की मांग उठाई, जिस पर ईसी ने अगली रेग्यूलर बैठक में मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला किया।
ये फैसले भी लिए गए ईसी में
विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद ने राजकीय महाविद्यालय शिलाई और झंडूता को स्थायी संबद्धता देने का फैसला लिया है। वहीं गैर शिक्षक कर्मियों की भर्ती और पदोन्नति समिति की सिफारिशों को मंजूर किया है।
विवि के दो कर्मियों को पदोन्नति मिलने के बाद सेक्शन ऑफिसर बनाया जाना है। इसी तरह से मेस हेल्पर के 15 रिक्त पद भरने, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पदोन्नत कर क्लर्क के पद पर पदोन्नति देने और कनिष्ठ सहायकों को एकमुश्त छूट देकर वरिष्ठ सहायक बनाए जाने की हरी झंडी दी गई।
यह मामले विवि की वित्त कमेटी को भेजे जाएंगे। विवि के विधि विभाग के प्रो. सुनील देष्टा की 2006 की एक्ट्रा आर्डिनरी लीव को जनहित में रेग्यूलराइज करने को भी मंजूरी दी। ईसी ने विदेशी भाषा विभाग (रशियन) की प्रो. श्यामा जोशी को सीएएस की पदोन्नति देकर प्रोफेसर बनाए जाने को स्वीकृति प्रदान की।
रिवेल्यूएशन पर कुलपति ले सकेंगे फैसला
रूसा सीबीसीएस के तहत यूजी छात्रों को रिवेल्यूएशन दिए जाने की मांग पर चर्चा कराई जाएगी। वहीं, रूसा सेमेस्टर सिस्टम पर भी चरचा जरूर हुई, मगर इसमें कुलपति परीक्षा नियंत्रक के साथ मिलकर सेमेस्टर सिस्टम को ईयर सिस्टम में बदले जाने की संभावनाओं से सरकार को अवगत करवाने का निर्णय
भी हुआ है। वहीं इक्डोल में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, छात्रावासों में अवैध रूप से रहने वाले बाहरी तत्वों को बाहर किए जाने के लिए चीफ वार्डन को आवश्यक दिशा निर्देश देने का निर्णय भी लिया गया है।
विवि कार्यकारी परिषद की इस बैठक में ईसी में पहली बार चुने और मनोनयन के बाद आए कई सदस्यों ने भाग लिया। इनमें प्रो. एनके शारदा, प्रो. वीपी शर्मा, प्रो. एसके महाजन, प्रो. एसएस
कंवर, प्रो. श्याम लाल कौशल, प्रो. अजय श्रीवास्तव, डीडी शर्मा, प्रदेश के विशेष सचिव (वित्त), उप सचिव (शिक्षा) उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमर देव, बिपन कुमार मौजूद रहे। ईसी की बैठक का संचालन कुलसचिव केके शर्मा ने किया।