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HPU Shimla: सभी कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई, विद्यार्थियों को राहत

Tue, 05 May 2026 08:04 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 05 May 2026 08:04 PM IST
सार

प्रदेश विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। 

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HPU: Deadline for Online Applications for All Courses Extended; Relief for Students
एचपीयू शिमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब सभी प्रवेश परीक्षा आधारित और मेरिट आधारित पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन 12 मई तक किए जा सकेंगे। तिथि बढ़ाने का लाभ उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों की आवेदन तिथि बढ़ाई गई है। इनमें प्रवेश परीक्षा आधारित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ मेरिट आधारित कोर्स भी शामिल हैं, जैसे पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन का प्रथम वर्ष एकीकृत पाठ्यक्रम और होटल प्रबंधन में स्नातक पाठ्यक्रम। आवेदन की अंतिम तिथि के अलावा प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्ववत रहेंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। 

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एचपीयू में डाटा साइंस, एआई इंटेलीजेंस समेत 3 पाठ्यक्रम होंगे शुरू
 हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की स्थायी समिति की बैठक में कई अहम शैक्षणिक फैसले लिए गए। बैठक में सत्र 2026-27 से जुड़े ढांचे, नए पाठ्यक्रमों और शोध संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। समिति ने महाविद्यालय स्तर पर क्षमता संवर्धन एवं विकास कार्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही बीएससी डाटा साइंस और बीएससी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित तीन नए पाठ्यक्रम शुरू करने को स्वीकृति दी गई। इससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नई शिक्षा नीति के तहत तीसरे से छठे सेमेस्टर के पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति दी गई। महाविद्यालयों में क्रेडिट ढांचा लागू करने का निर्णय लिया गया, जिससे बहुविषयक अध्ययन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

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समिति ने पार्टटाइम शोध डिग्री कार्यक्रम को भी अंतिम स्वीकृति दी। इससे नौकरीपेशा अभ्यर्थियों को शोध कार्य करने का अवसर मिलेगा। बैठक में कुलपति प्रो. महावीर सिंह, अधिष्ठाता अध्ययन आचार्य बीके शिवराम, सभी संकाय अधिष्ठाता और कुलपति के नामित सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा विभागों के वरिष्ठ शैक्षणिक अधिकारी और समिति के सदस्य भी शामिल हुए। 2026-27 के सत्र से महाविद्यालयों में क्षमता संवर्धन एवं विकास कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों के कौशल, संचार क्षमता और व्यावहारिक समझ को विकसित करना है। कार्यक्रम के तहत सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और कौशल आधारित प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाएगा। इससे पारंपरिक पढ़ाई के साथ छात्रों के समग्र विकास पर जोर रहेगा और उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार किया जा सकेगा।

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प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा ढांचे में बदलाव
बैठक में स्नातकोत्तर स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को मंजूरी दी गई। इसके साथ परीक्षा ढांचे को नई शिक्षा नीति के अनुरूप ढालने पर सहमति बनी। इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और मानकीकृत होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय स्तर पर पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में एकरूपता लाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।

शोध में बढ़ेगी भागीदारी, नई व्यवस्था लागू
पार्टटाइम शोध डिग्री कार्यक्रम को मंजूरी मिलने के बाद अब नौकरीपेशा अभ्यर्थी भी शोध कार्य कर सकेंगे। इस व्यवस्था से विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों का दायरा बढ़ने की संभावना है। कई क्षेत्रों में कार्यरत पेशेवरों के जुड़ने से शोध की गुणवत्ता और उपयोगिता में सुधार आएगा। इससे अकादमिक और व्यावहारिक क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

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