दो साल बाद निकला रिजल्ट, एक भी कैंडीडेट नहीं हुआ पास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते दो साल से सरकारी नौकरी के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। दस्तावेजों की जांच पड़ताल में मूल्यांकन प्रक्रिया को बुलाए गए जेई सिविल पद के लिए सभी अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने अक्तूबर 2016 में पोस्ट कोड 539 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर, प्रोड्यूस, मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड में जेई सिविल का एक पद भरने को आवेदन मांगे थे।
सैकड़ों आवेदन आने के बाद आयोग ने 28 अक्तूबर, 2017 को लिखित परीक्षा ली थी। लिखित परीक्षा में मेरिट में आने वाले पहले चार अभ्यर्थियों को आयोग ने पंद्रह अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए आयोग कार्यालय में बुलाया।
गत 15 जनवरी को मूल्यांकन प्रक्रिया में दस्तावेजों की छंटनी के दौरान चारों अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत चारों अभ्यर्थियों के पास न्यूनतम चार वर्ष का कार्यानुभव नहीं था। इसके चलते निगम में जेई सिविल का यह पद खाली रह गया।
आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि आयोग ने लिखित परीक्षा के संचालन के बाद पंद्रह अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया का आयोजन 15 जनवरी को किया।
मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान बुलाए गए चारों अभ्यर्थियों के पास चार वर्ष के कार्य अनुभव का कोई प्रमाणपत्र नहीं था। इसके चलते चारों को अयोग्य करार दे दिया।
उन्होंने कहा कि आयोग ने जब आवेदन मांगे थे, उसी दौरान विज्ञापन में ही चार वर्ष के अनुभव की शर्त को अनिवार्य रखा था।