नेट-सेट परीक्षा पास कर रखी है तो आपके लिए बड़े काम की है ये खबर
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आरक्षित वर्ग में नेट-सेट (राष्ट्रीय-राज्य पात्रता परीक्षा) पास करने वाले अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती के लिए अनारक्षित वर्ग में आवेदन नहीं कर सकते। इसी को आधार बनाकर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने कॉलेज कैडर में सहायक प्रोफेसर पद के लिए अनारक्षित कोटे में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अपात्र करार दे दिया है।
हिमाचल लोक सेवा आयोग ने कॉलेज कैडर सहायक प्रोफेसर पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें 95 फीसदी पद सामान्य श्रेणी के लिए हैं। नेट-सेट उत्तीर्ण जनजातीय वर्ग के कुछ विद्यार्थियों ने सामान्य श्रेणी के पदों के लिए आवेदन करने के बाद लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। परीक्षा पास करने के बाद आयोग ने साक्षात्कार से पहले ही आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया।
आयोग की ओर से कहा गया है कि इन अभ्यर्थियों ने नेट-सेट की परीक्षा आरक्षित वर्ग में उत्तीर्ण की है। लिहाजा, उनकी पात्रता अनारक्षित वर्ग के लिए नहीं हो सकती। आवेदकोें की मानें, तो पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। हालांकि, वर्ष 2014 में इस बारे सर्कुलर जारी किया गया था लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया था।
कोर्ट जाने की तैयारी
जनजातीय युवा मंच के अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य सुदर्शन जस्पा ने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने की साजिश की जा रही है। कॉलेज कैडर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर आरक्षित श्रेणी के नेट-सेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग की सीट के लिए अपात्र करार दिया जा रहा है।
यह संविधान के अनुच्छेद 15(4) के प्रावधानों का उल्लंघन है। अगर प्रदेश सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया तो मजबूरन उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पडे़गा। हिमाचल जनजातीय छात्र संगठन इसे लेकर राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपेगा।
संगठन के अध्यक्ष सुनील और उपाध्यक्ष कुजंग गटुक ने कहा कि मामले को लेकर संगठन तीनों जनजातीय हलकों के विधायकों तथा सांसदों से मिलने जा रहे हैं। उधर, जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकंडा का कहना है कि मामले को लेकर जनजातीय छात्र संगठन के सदस्यों ने उनसे मुलाकात की है। इस मामले को सीएम और आयोग के समक्ष उठाएंगे।
संवैधानिक व्यवस्था के तहत ही तय की जा रही पात्रता: गुप्ता
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के उप सचिव अशोक गुप्ता ने कहा है कि कोर्ट के निर्णय से इस बारे में पहले से ही स्थिति साफ की जा चुकी है। इस बारे में कई बार राज्य सरकार से भी निर्देश आ चुके हैं।
सामान्य श्रेणी के लिए केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकता है, जो सामान्य श्रेणी की तमाम योग्यताएं पूरी करता है। जिस उम्मीदवार ने सेट और नेट की परीक्षा आरक्षण का लाभ उठाते हुए पास की है, वह सामान्य श्रेणी के लिए पात्र नहीं है। पात्रता तय करने की यह पुरानी संवैधानिक व्यवस्था है।