सीएम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची एचपीसीए
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को प्रतिवादी बनाने के लिए अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
मंगलवार को केस की सुनवाई थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कुरियन जोसेफ की खंडपीठ में ये केस लगा था, लेकिन वह ये कहते हुए इस केस की सुनवाई से पीछे हट गए कि वह दोनों पक्षों को पहले से जानते हैं।
कुरियन जोसेफ इससे पहले हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। अब केस नई खंडपीठ में लगेगा। एचपीसीए की ओर से पेश हुए एडिशनल सोलीसिटर जनरल पीएस पटवालिया ने इस केस के लिए विशेष अनुमति ली है।
आधी रात को स्टेडियम में लगाए थे ताले
एचपीसीए की इस याचिका को हिमाचल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने क्रिकेट एसोसिएशन को अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति दे दी थी।
एचपीसीए कैबिनेट के फैसले के बाद आधी रात को धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के ताले तोड़ने के केस में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, डीजीपी संजय कुमार, डीसी और एसपी कांगड़ा आदि को निजी तौर पर प्रतिवादी बनाना चाहती है। इसके लिए हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद अब एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।
एचपीसीए का तर्क है कि मुख्यमंत्री ने निजी तौर पर हस्तक्षेप कर ये फैसला लिया और सुनिश्चित किया आधी रात को ही स्टेडियम को अपने कब्जे में कर लिया जाए। हाईकोर्ट ने इस तर्क को ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि ये सामूहिक फैसला कैबिनेट का था।