एचपीसीए को झटका, खिलाड़ियों का ख्वाब टूटा
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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की लालपानी स्थित क्रिकेट अकादमी के भवन को तोड़ा जाएगा। न्यायालय ने भी एचपीसीए की याचिका का खारिज कर दिया है। इससे जहां एचपीसीए को करारा झटका लगा है तो शहर में क्रिकेट सिखने का ख्वाब पाल रहे युवाओं को भी निराशा हुई है।
नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह के कोर्ट ने जनवरी माह में एचपीसीए को एक सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण हटाने को कहा था।
इसी बीच एचपीसीए ने जिला सत्र न्यायालय में आयुक्त कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की थी। शुक्रवार को जिला कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एचपीसीए की अपील को खारिज कर दिया है।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने आयुक्त कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए नगर निगम को आगामी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर लीगल जोगेंद्र चौहान ने बताया है कि जिला कोर्ट से अनुमति मिल गई है। जल्द ही अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
ग्रीन बेल्ट एरिया में निर्माण का आरोप
एचपीसीए पर राजधानी के ग्रीन बेल्ट एरिया में बिना अनुमति निर्माण का आरोप है। नगर निगम आयुक्त के कोर्ट ने कहा है कि ग्रीन बेल्ट एरिया होने के बावजूद एचपीसीए ने लालपानी में बिना अनुमति के चार मंजिला भवन का निर्माण किया है।
नगर निगम से नक्शा नामंजूर होने पर भी निर्माण कार्य जारी रखा और पवेलियन, ड्रेसिंग रूम और शौचालय बना लिए। आयुक्त कोर्ट ने खसरा नंबर 911, 912 और 1060/1 पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
आयुक्त कोर्ट ने 49.56 वर्ग मीटर की धरातल मंजिल, 66.97 वर्ग मीटर की पहली मंजिल और सीढ़ियों, 81.42 वर्ग मीटर की दूसरी मंजिल, 18.60 वर्ग मीटर की टॉप मंजिल और सीढ़ियों, ड्रेसिंग रूम की 21.17 वर्ग मीटर की धरातल मंजिल, 2.92 वर्ग मीटर की सीढ़ियों, 21.17 वर्ग मीटर की पहली मंजिल और 39.39 वर्ग मीटर के शौचालय और स्टोर को तोड़ने के आदेश दिए हैं।
बीजेपी ने लीज पर दी थी जमीन
इसके अलावा 4.80 मीटर ऊंचाई की फेंसिंग विद चैनल सेक्शन, पोस्ट्स और क्रेेट वायर को भी हटाने को कहा है। भाजपा शासन काल में लालपानी (शिमला) में क्रिकेट अकादमी को 9265.21 वर्ग मीटर जमीन लीज पर दी गई।
जिस जगह जमीन दी गई वह ग्रीन बेल्ट एरिया में आता है। यहां किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाती। एचपीसीए ने करीब साढ़े तीन साल पहले रिस्किटिड एरिया कमेटी के पास भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए नक्शा भेजा, लेकिन कमेटी ने नक्शा नामंजूर कर दिया। बावजूद इसके एचपीसीए ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
नगर निगम भी काम रुकवाने की हिमाकत नहीं कर पाया। बीते साल मई माह में नगर निगम की ओर से एचपीसीए से जवाब तलब किया गया और मौके का मुआयना किया। छानबीन में यह निर्माण अवैध पाया गया।