HPBOSE: 12वीं में मनरेगा मजदूर का बेटा और दर्जी की बेटी अव्वल, ऐसे हासिल किया मुकाम
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को जमा दो की मार्च-2019 की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया। साइंस संकाय में साई स्टार स्कूल ढालपुर (कुल्लू) के अनिल कुमार पुत्र देवराज ने 98.6 फीसदी अंक लेकर प्रदेश भर में टॉप किया।
अनिल के पिता मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वाणिज्य संकाय में कॅरियर एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नाहन की छात्रा और टेलर मास्टर चमेल सिंह की बेटी प्रीति बिरसांटा ने 98.8 फीसदी अंक लेकर प्रथम स्थान हासिल किया है।
आर्ट्स में डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना की अश्मिता शर्मा पुत्री रविंद्र शर्मा 96.4 अंक लेकर अव्वल रहीं। इस बार की बोर्ड परीक्षा में 95492 विद्यार्थी बैठे जिसमें 58949 उत्तीर्ण हुए जबकि 16102 की कंपार्टमेंट आई है।
प्रदेश में कॉमर्स संकाय में 10वां स्थान पाने वाले राजकीय सीसे स्कूल अंब के होनहार छात्र लासिम की सुबह अखबार बेचने से शुरू होती है। लासिम अपनी पढ़ाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगों के घरों में अखबार फेंकने का काम करता है।
लासिम को हर माह लोगों के घरों में अखबारें फेंकने और उसके पैसे वापस देने के लिए एंजेसी से 600 रुपये मिलते थे। जिससे वह राशि अपनी पढ़ाई व अन्य जरूरी चीजों के लिए खर्च करता था।
वहीं, मेधावी छात्र लासिम की माता अशमिना वेगम कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं और उसके पिता कर्मदीन दिहाड़ीदार हैं। लासिम की तीन बहने हैं, जिसमें पहली बहन निशा की शादी हो चुकी है।
लासिम ने बताया कि वह सुबह अखबारें फेंकने का काम करता है और स्कूल से घर लौटने पर शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक वह पढ़ाई करता था। जिससे वह परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हो सके।
दर्जी की बेटी कॉमर्स में हिमाचल की टॉपर
सूबे के अति दुर्गम शिलाई क्षेत्र के डिमटी गांव से ताल्लुक रखने वाली करियर अकादमी स्कूल की प्रीति बिरसांटा ने बाहरवीं कक्षा के वाणिज्य संकाय में पहला स्थान हासिल कर अपने पिता, माता और शिक्षकों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
लोगों के कपड़ों को सिलकर और ढाबा चलाकर पिता चमेल सिंह ने अपनी बेटी को निजी स्कूल में पढ़ाया। बेटी भी अपने पिता का मान रखते हुए अपराजिता’ बन गई।
प्रीति ने 494 (98.4 प्रतिशत) अंक हासिल कर प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रीति की मां गृहिणी है। पिता चमेल सिंह ने कहा कि बेटी की तमन्ना श्रीराम कॉलेज दिल्ली में दाखिला लेने की है।
कपड़े सिलाई कर पूरी करूंगी आगे की पढ़ाई : ज्योति
पिछड़ा कोटधार क्षेत्र के रावमापा घराण स्कूल जमा दो कला संकाय में परीक्षा में दसवें स्थान पर रहीं ज्योति की आगे की पढ़ाई करना आसान नहीं है। ज्योति का सपना आईएएस अधिकारी बनना है लेकिन गरीबी आड़े आ रही हैै।
ज्योति के अनुसार पिता दिहाड़ी लगा कर उनकी पढ़ाई करवा रहे हैं। एक बड़ी बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बहन जमा एक की पढ़ाई कर रही है। ज्योति का कहना है कि वह पढ़ाई आगे भी जारी रखेगीं। पढ़ाई पूरी करने के लिए वह कपड़े सिलाई करने का कार्य करेगी जो वह सीख रही हैं।
प्रिंसिपल मां और प्रवक्ता पिता के बेटे ने सरकारी स्कूल में हासिल की मेरिट
जहां सरकारी पदों पर तैनात उच्चाधिकारी और कर्मचारी बच्चों को बेतहर शिक्षा के लिए निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं वहीं कला संकाय के मेरटोरियस कार्तिकेय के माता-पिता ने उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए उसेे निजी स्कूल से हटाकर उसका सरकारी स्कूल में दाखिला करवाया।
कार्तिकेय ने भी अपने अभिभावकों की सोच को सही ठहराते हुए प्रदेश में मेरिट में स्थान प्राप्त किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सलोह के कार्तिकेय कहोल ने कला संकाय विषय में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित जमा दो के परीक्षा परिणाम में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
कार्तिकेय ने 95.8 अंक हासिल किए हैं। कार्तिकेय का सपना आईएएस बनना है। कार्तिकेय ने उपलब्धि का श्रेय माता-पिता स्कूल स्टाफ को दिया है।
जूडो के खिलाड़ी कार्तिकेय के पिता संदीप कुमार सलोह स्कूल में ही इंग्लिश के प्रवक्ता हैं।