HPBOSE 12th Result: कॉमर्स-आर्ट्स में सरकारी और विज्ञान में निजी स्कूलों का दबदबा, जानें रैंकिंग
काॅमर्स और आर्ट्स संकाय में जहां सरकारी स्कूलों के बच्चों ने निजी स्कूलों को पछाड़ा है, वहीं साइंस विषय में निजी स्कूलों के विद्यार्थी सरकारी स्कूलों पर हावी हुए हैं।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में इस बार सरकारी स्कूल निजी स्कूलों पर भारी पड़े हैं। काॅमर्स और आर्ट्स संकाय में जहां सरकारी स्कूलों के बच्चों ने निजी स्कूलों को पछाड़ा है, वहीं साइंस विषय में निजी स्कूलों के विद्यार्थी सरकारी स्कूलों पर हावी हुए हैं। इस बार निजी स्कूलों को पछाड़कर 12वीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में तीनों संकायों के 121 टॉपरों में 61 रैंकों पर सरकारी स्कूलों ने अपना परचम लहराया है, जबकि 60 रैंकों निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने हासिल किए हैं।
साइंस में नौ, काॅमर्स में 21 और आर्ट्स संकाय में 31 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों की मेरिट लिस्ट में अपना स्थान पक्का करने में सफल हुए हैं। दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों के साइंस में 40, काॅमर्स में 15 और आर्ट्स संकाय में 5 विद्यार्थियों का कब्जा रहा है। शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस संकाय की संयुक्त मेरिट लिस्ट में शामिल 76 मेधावियों में 42 पर सरकारी स्कूलों के बच्चों ने कब्जा जमाया है, जबकि निजी स्कूल 34 पर ही सिमट गए हैं। टॉप-10 सूची में आने के मामले में विज्ञान संकाय ने निजी स्कूलों की लाज बचाई है। इनमें साइंस में 40, आर्ट्स में 5 और कॉमर्स में 15 विद्यार्थी ही निजी स्कूलों से अपना स्थान मेरिट लिस्ट में बना पाए हैं।
किस रैंक को कितनों ने किया साझा
रैंक आर्ट्स साइंस काॅमर्स कुल
1 1 1 3 5
2 1 2 3 6
3 1 3 3 7
4 1 5 2 8
5 1 5 2 8
6 7 5 5 17
7 3 5 6 14
8 6 3 5 14
9 8 9 2 19
10 7 11 5 23
मेरिट में किस जिला के कितने विद्यार्थी
जिला साइंस आर्ट्स काॅमर्स कुल
कांगड़ा 12 6 15 33
बिलासपुर 7 2 - 9
शिमला 1 2 1 4
सोलन 4 2 4 10
ऊना 9 3 12 24
चंबा 1 4 - 5
कुल्लू 1 3 1 5
मंडी 6 8 1 15
सिरमौर 1 3 - 4
हमीरपुर 7 3 2 12
पिछले वर्ष से 8.86 फीसदी अधिक रहा परीक्षा परिणाम
12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार 8.86 फीसदी अधिक रहा है। स्कूल शिक्षा बोर्ड में पास प्रतिशतता वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है। बच्चों की बढ़ी पास प्रतिशतता का कारण प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव, एमसीक्यू प्रश्न और स्टेपवाइज मार्किंग से मूल्यांकन के अलावा शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षाओं के दौरान मॉडल प्रश्नपत्र जारी करना और इस बार बनाया गया प्रश्न बैंक भी मुख्य कारण माना जा रहा है। बोर्ड ने वर्ष मार्च 2025 में हुई 10वीं-12वीं की परीक्षाओं के दौरान कुछ बदलाव किए थे। परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किया। मूल्यांकन के लिए भी स्टेपवाइज मार्किंग को अपनाया। प्रश्नपत्र का पैटर्न में आसान, मीडियम और कठिन स्तर के प्रश्नों को शामिल किया था, ताकि एक सामान्य प्रवृत्ति का विद्यार्थी भी परीक्षा को पास करने के योग्य बन सके। इसके अलावा शिक्षा बोर्ड मॉडल प्रश्नपत्र भी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए थे।
किस वर्ष कितना रहा परिणाम
वर्ष पास प्रतिशतता
2021 92.77
2022 93.90
2023 79.6
2024 74.5
2025 83.16
2026 92.02