लोन की समझौता राशि एकमुश्त चुकाओ, ब्याज में छूट पाओ
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हिमाचल प्रदेश राज्य सरकारी बैंक ने पुराने दोषी ऋणियों से ऋण वसूली के लिए हिम निवारण योजना की शुरुआत की है। योजना पांच मई से लागू होगी। योजना के तहत दोषी ऋणियों को ब्याज तथा ऋण की एवज में रखी गई अमानतों की विक्रय कीमत पर आधारित कई लाभ और छूट दी जाएगी। बैंक के अध्यक्ष हर्ष महाजन ने कहा कि जो ऋणी समझौता राशि को स्वीकृति के तीन माह के भीतर जमा करवाएगा, उससे समझौता राशि पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।
समझौता राशि को एक महीने के भीतर एकमुश्त जमा करवाने वाले ग्राहक को दो प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। दो महीनों के भीतर समुचित ऋण वापसी पर एक प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यदि कोई ग्राहक समझौता राशि को किस्तों में अदा करता है तो समझौता राशि पर बैंक दस प्रतिशत साधारण ब्याज की दर से ब्याज लेगा।
3 माह में ऋण चुकाने पर समझौता राशि पर नहीं लिया जाएगा ब्याज
इस योजना के तहत ऋण वापसी की अधिकतम सीमा एक साल रखी गई है। हर्ष महाजन ने बताया कि ऐसे ग्राहक जो किन्हीं कारणों से समय पर ऋण वापसी नहीं कर पाए हों, इस एकमुश्त ऋण वापसी योजना के माध्यम से अपने ऋण की वापसी कर सकते हैं। ऐसे
ऋणी जिनके खाते 31 मार्च 2011 या इससे पहले एनपीए हो गए हों, योजना का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे एनपीए खाते जिसमें ऋणी की मृत्यु हो चुकी है, योजना के तहत समायोजित किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में बैंक ने एनपीए को 5.45 प्रतिशत घटाया है। ऋण वसूली के लिए बैंक प्रबंधन मिशन मोड पर काम कर रहा है।