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HPPERC: एनटीटी करवाने वाले निजी शिक्षण संस्थानों की होगी दोहरी जांच
Sun, 15 Jan 2023 12:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 15 Jan 2023 12:35 PM IST
सार
प्रदेश में कई ऐसे निजी संस्थान हैं जो सिर्फ हिमाचल प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006 के तहत पंजीकरण करवाकर नर्सरी टीचर ट्रेनिंग के कोर्स और डिप्लोमा करवा रहे हैं।
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निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) करवाने वाले सभी निजी शिक्षण संस्थानों की दोहरी जांच की जाएगी। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के साथ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय भी इन संस्थानों के रिकॉर्ड को जांचेगा। शिक्षा सोसायटियों से पंजीकृत कई निजी संस्थान हिमाचल या केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करवा रहे हैं। बीते दिनों ही विनियामक आयोग ने हमीरपुर के एक संस्थान के एनटीटी कोर्स और डिप्लोमा को अवैध करार दिया है।
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राज्य सरकार या नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से मंजूरी लेकर ही नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करवाई जा सकती है। प्रदेश में कई ऐसे निजी संस्थान हैं जो सिर्फ हिमाचल प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006 के तहत पंजीकरण करवाकर नर्सरी टीचर ट्रेनिंग के कोर्स और डिप्लोमा करवा रहे हैं। प्रदेश में बीते दो वर्ष से सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। नियमों के तहत एनटीटी करने वालों को भर्ती में प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसकी भनक लगने के बाद से प्रदेश में नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करवाने वाले निजी संस्थानों की भरमार लग गई है।
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हमीरपुर के एक संस्थान के खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज हुई थी। जांच में आयोग ने पाया कि इस संस्थान में बिना मंजूरी लिए कोर्स और डिप्लोमा करवाए जा रहे हैं। आयोग की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए इस संस्थान पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। शिकायतकर्ता छात्रा को नौ फीसदी ब्याज सहित फीस भी लौटाने के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को इस तरह के मामलों की जांच के भी निर्देश जारी किए गए हैं। हिमाचल सरकार को नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कोर्स के लिए जल्द ही नीति बनाने की सलाह भी दी गई है।
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