हिमाचल पुलिस में कांस्टेबल रेगुलर भर्ती, मगर वेतन कांट्रेक्ट का मिलेगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महज पांच मिनट में अपना वेतन दोगुना करने वाली सरकार ने प्रदेश के इकलौते डायरेक्ट सरकारी भर्ती करवाने वाले पुलिस विभाग की वेतन व्यवस्था को भी कांट्रेक्ट बेस कर दिया है। प्रदेश पुलिस में इस साल हो रही कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया तो रेगुलर हो रही है।
लेकिन भर्ती होने वाले कांस्टेबलों को कांट्रेक्ट कर्मियों की तरह ही आठ साल बाद रेगुलर कर्मियों जैसा वेतन मिलेगा। पहले कांस्टेबलों को दो साल बाद यह वेतन मिलने लगता था। हाल के विधानसभा सत्र के दौरान सरकार ने अपने मंत्रियों, विधायकों तथा पूर्व विधायकों का वेतन डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया था।
भारी कर्ज के बावजूद सरकार अपने स्टैंड पर कायम रही और आखिरकार राज्यपाल ने भी वेतन वृद्धि बिल को मंजूरी दे दी थी। प्रदेश की कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली पुलिस के जवानों को वेतन देने में सरकार ने अड़ंगा लगा दिया है।
1500 कांस्टेबलों के लिए हो रही भर्ती प्रक्रिया में पहली बार कांट्रेक्ट बेस वेतन व्यवस्था लागू की गई है। पहले दो साल बाद ही कांस्टेबलों को बढ़ा वेतनमान मिलने लगता था। अब नए पुलिस कांस्टेबल को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जो बेसिक व ग्रेड पे मिलेगा, उसे आठ साल बाद बढ़ाया जाएगा।
सरकारी खजाने पर बोझ कम करने को बदले नियम
भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले वित्त विभाग ने दलील दी थी कि सरकार की ओर से बड़ी संख्या में पदों पर एक साथ भर्ती करने से बोझ बढ़ता है। चूंकि, पुलिस विभाग में कांट्रेक्ट पर भर्ती हो नहीं सकती, इसलिए भर्ती नियमित करते हुए उन्हें दो साल की बजाय आठ सवाल बाद बढ़ा वेतनमान दिया जाए। सरकार ने वित्त विभाग की इस दलील को मान लिया और नई भर्ती में लागू कर दिया।
2013 के कांस्टेबलों का मामला भी अटका
साल 2013 में भी पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती हुई थी। उस दौरान महकमे की ओर से जारी किए गए नियुक्ति पत्र में दो साल पूरे होने पर बढ़ा वेतनमान देने की बात लिखी गई थी, लेकिन भर्ती और ज्वाइनिंग के ढाई साल बाद भी पुलिस कांस्टेबलों को अब तक नया वेतनमान नहीं मिला है।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर वेतन व्यवस्था में बदलाव की घोषणा कर दी थी, लेकिन यह घोषणा लागू बैक डेट से की गई। इसके बाद से उस भर्ती के दौरान के कई सिपाही कोर्ट चले गए।