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हाईकोर्ट के आदेश, हरे पेड़ काटने वालों पर चलाओ मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 25 May 2016 12:00 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
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हिमाचल हाईकोर्ट ने हरे पेड़ों को काटने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता व वन कानूनों के तहत मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर पेड़ों को अवैध रूप से काटने वालों के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता।
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कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सक्षम कोर्ट के समक्ष ट्रायल चलाया जाए। हाईकोर्ट ने हाल ही में शिमला जिला के रोहडू़ एवं टिक्कर क्षेत्रों में अवैध रूप से वन भूमि पर हरे पेड़ों को काटने कि खबरों पर भी संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार से इन मामलों पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा है।
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कोर्ट ने यह आदेश धर्मशाला में पिछले वर्ष अवैध रूप से काटे गए पेड़ों के बारे में एक विदेशी महिला के पत्र पर संज्ञान लेने वाली याचिका कि सुनवाई के दौरान पारित किए। कोर्ट ने राजधानी के न्यू शिमला सेक्टर 4 में हरे पेड़ों को काटे जाने पर भी संज्ञान लेते हुए वन विभाग व संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
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न्यू शिमला सेक्टर 4 में एक प्राइवेट प्लाट को खाली करने की मंशा से हरे पेड़ों को कथित तौर पर काटा गया था। हरे पेड़ों को काटने पर हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक के बावजूद प्रदेश में पेड़ों को काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने गत वर्ष 5 जून को पारित आदेशों से पूरे प्रदेश में हो रहे अवैध पेड़ कटान के मामलों को देखते हुए निजी भूमि से हरे पेड़ों के कटान पर रोक लगा रखी है। हालांकि, कोर्ट ने बाद में खैर, पोपलर व अन्य व्यावसायिक पेड़ों को इस प्रतिबंध से मुक्त कर रखा है।