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टैक्स छूट खत्म होते ही काम समेटने लगी कंपनी, कोर्ट ने भेजा नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 29 Nov 2016 09:04 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट ने टैक्स छूट खत्म होते ही प्रदेश से पलायन करने वाली कंपनी को पलायन न करने देने की गुहार वाली याचिका में केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित उद्योग विभाग के निदेशक व अलैम्बिक फार्मा कंपनी बद्दी को नोटिस जारी किया है।
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न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने प्रार्थी परमजीत कुमार व अन्य प्रार्थियों द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सभी प्रतिवादियों को एक महीने के भीतर जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं।
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प्रार्थियों के अनुसार साल 2003 में केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए नई उद्योग नीति लाकर प्रावधान बनाया था कि जो उद्योग प्रदेश के लोगों को अधिकतम रोजगार उपलब्ध करवाने की दृष्टि से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी इकाइयां लगाएंगे, उन्हें टैक्स सहित अन्य करों में 10 वर्षों के लिए छूट दी जाएगी। प्रार्थियों का आरोप है कि कंपनी ने टैक्स छूट का फायदा लेकर भारी मुनाफा कमाया।
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जैसे ही टैक्स छूट खत्म हुई तो अनेकों हिमाचली कामगारों के रोजगार की चिंता किए बिना कंपनी अपना कारोबार समेटने में लग गई। प्रार्थियों ने मांग की है कि कंपनी को पलायन से रोका जाए ताकि प्रार्थी बेरोजगार न हों। प्रार्थियों ने उनके पुनर्वास व रोजगार के लिए उचित पॉलिसी बनाने की गुहार भी लगाई है।
गौरतलब है कि प्रदेश से ऐसी औद्योगिक इकाइयों के पलायन के कारण हजारों की संख्या में हिमाचली युवा बेरोजगार हो रहे हैं। कई कंपनियों ने टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए साल 2003 और 2004 में अपनी इकाइयां प्रदेश में स्थापित कीं।
अब टैक्स छूट खत्म होते ही कंपनियां अपनी इकाइयां बिना किसी ठोस कारण के पलायन करने लगी हैं, जिससे हिमाचली युवाओं पर बेरोजगारी का खतरा मंडराने लगा है। सरकार के उदासीन रवैये के कारण उन युवाओं को अब अदालत का सहारा लेने पर विवश होना पड़ रहा है।